पर्यावरण को हरा-भरा रखने के लिए इस बार गोरखपुर में 67 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य है। वन विभाग के रेंजर, फारेस्टर और माली कर्मियों ने मिलकर कोरोना काल में जिले की 36 नर्सरियों में लाखों पौधे उगा डाले हैं। नर्सरियों में अधिक ऑक्सीजन देने वाले पाकड़, बरगद और पीपल के पौधों को अधिक तैयार किया गया है।
डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि पौधों को लगाने की प्रक्रिया एक या दो दिनों की नहीं होती। पिछले वर्ष से नर्सरियों में पौधों के बीज लाकर पॉलिथीन समेत जमीन में लगा दिए गए थे। लॉकडाउन के दौरान वन विभाग के स्टाफ ने काम किया। इस समय सभी नर्सरियों में 67 लाख पौधे तैयार हो चुके हैं। इनमें इस वर्ष के तैयार किए 44 लाख पौधे शामिल हैं। पिछले वर्ष के बचे 22 लाख पौधे भी हैं। पौधरोपण के संबंध में शासनादेश के बाद पौधों को देना शुरू किया जाएगा।
पीपल और बरगद के पौधों की मांग अधिक
पौधरोपण के लिए पीपल, पाकड़ और बरगद के पौधों की मांग अन्य तरह के पौधों की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक है। कोरोना संक्रमण की वजह से लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। लोग ऐसे पौधों की मांग कर रहे हैं जो अधिक मात्रा में ऑक्सीजन उत्सर्जित करते हैं। डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि वन विभाग के पास 34 नर्सरी हैं, जिनमें करीब 67 लाख पौधे तैयार हैं। जिसे भी पौधे लगाने हैं वह विनोद वन के पीछे रामगढ़ नर्सरी से पौधे ले सकता है। कुमार बताते हैं कि इस बार काफी संख्या में लोग ज्यादा ऑक्सीजन उत्सर्जित करने वाले पौधों की मांग कर रहे हैं।