पूछने पर बताया-भारत की जीत पक्की है। उसने जीत पर 50 हजार रुपये का दांव लगाया है। जितने पर उसे दोगुने का ही फायदा होगा। तीन विकेट गिर ही गए हैं। स्पिनर के आते अभी और विकेट गिरने शुरू होंगे। पूछने पर बताया कि मैच के जीत-हार ही नहीं, टॉस, हर गेंद, ओवर, शॉट, कैच, रन पर पैसा लगाया जा रहा है।
मोहद्दीपुर के एक ऑनलाइन सटोरी ने बताया कि आज के मैच में यहां के लोगों के करोड़ों रुपये डूब गए। उसने बताया कि भारत की जीत को लेकर सभी आश्वस्त थे और लगभग 99 प्रतिशत लोगों ने दांव भी यही लगाया था। लेकिन, ट्रेविस हेड के साथ दूसरे ऑस्ट्रेलियन खिलाड़ी मार्नस लाबुशेन जान के साथ ऑस्ट्रेलिया ने 3 विकेट के नुकसान पर 36वें ओवर में 203 रन बना लिए थे। हर गेंद के साथ भारत के हाथ से मैच निकलने लगा।
उसने बताया कि एक समय आया जब ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 22 गेंद पर 66 रन चाहिए था, उधर भारतीय गेंदबाज विकेट नहीं ले पा रहे थे। तब पूरी तरह तय हो गया कि अब जीत ऑस्ट्रेलिया की ही होगी। सुबह से चल रहा दांव उल्टा हो गया और भारतीय टीम का भाव 40 ओवर के बाद जीतने पर शून्य का हो गया था।
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मुंबई और बंगलूरू से संचालित होता है सट्टे का भाव
सट्टेबाजी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सट्टे का भाव मुंबई और बंगलूरू में बैठे बुकी के जरिए संचालित होता है। मैच शुरू होने के कुछ घंटे पहले बुकी रेट खोल देते हैं। शहर में फोन और इंटरनेट के जरिए सट्टेबाज करोड़ों रुपये का वारा-न्यारा कर जाते हैं। सूत्र ने बताया कि विश्वकप मैच फाइनल में टॉस, इनिंग, बैटिंग, बॉलिंग, विकेट, स्लॉग ओवर में छक्के और चौके का पूरा कैलेंडर बना था। ऑनलाइन और ऑफलाइन इसी में भाव लगाए जा रहे थे।
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दांव लगता है ऑनलाइन, लेकिन लेन-देन नकद
सट्टेबाज एप की मदद से अपना दांव और पैसा लगाते हैं। लेकिन पैसे का लेन-देन नकद होता है। सट्टे की रकम हर गेंद पर बदलती है। कोई रन के हिसाब से तो कोई विकेट के आधार पर अपना दांव लगाता है। सट्टेबाज इसका पूरा हिसाब रखते हैं। अगले दिन रुपये का लेन-देन होता है। सट्टा खेलने के लिए क्रिकेट बीट, क्विक बीट, बीट कूलर, ईसाई फाक्स समेत कई एप पर भी सट्टेबाज पैसे लगाते हैं।
रोहित शर्मा से थी आस...आउट होते ही व्यापारी हुए उदास
जब तक क्रीज पर रोहित शर्मा डंटे थे, शहर के व्यापारियों को भारत की जीत की आस थी। लेकिन उनके आउट होते ही चारों ओर निराशा फैल गई।
परंपरा जेम्स एंड ज्वेल्स के निदेशक संजय अग्रवाल ने बताया कि मैच देखने की बहुत तैयारी की थी। लेकिन, दस ओवर के बाद ही घर से दुकान आ गए। रोहित शर्मा के आउट होने के बाद भारतीय टीम बेहद सुरक्षात्मक होकर खेलने लगी।
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बलदेव प्लाजा के व्यापारी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि विराट कोहली के आउट होने के बाद तो एकदम से उम्मीद कम हो गई। सूर्य कुमार यादव से उम्मीद थी लेकिन वह भी कुछ खास नहीं कर पाए।
विजय चौराहे के रूंगटा एजेंसी के निदेशक आनंद रूंगटा ने बताया कि जीत-हार अपनी जगह होती है। लेकिन, देखकर लगा कि ऑस्ट्रेलिया विजेता बनने के लिए खेल रही थी। सिंह बर्गर के निलेश सिंह ने भारतीय टीम के खिलाड़ियों के लगाए हर छक्के पर लोगों को गुलाब जामुन खिलाकर जश्न मनाने की तैयारी की थी। लेकिन, रोहित के आउट होने के बाद सभी निराश हो गए।