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गोरखपुर जिला महिला अस्पताल: अल्ट्रासाउंड जांच के लिए महिलाओं का हंगामा, स्थानांतरण के बाद बढ़ीं दिक्कतें

Tue, 19 Jul 2022 10:15 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

महिला अस्पताल एसआईसी डॉ. एनके श्रीवास्तव ने कहा कि रेडियोलॉजिस्टों के स्थानांतरण के बाद केवल एक रेडियोलॉजिस्ट अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं। इसकी वजह से मरीजों को दिक्कतें हो रही है। रेडियोलॉजिस्ट की मांग की गई है।
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गोरखपुर जिला अस्पताल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए आईं महिलाओं और तीमारदारों ने सोमवार को जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस के समझाने पर मामला शांत हुआ।

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महिला अस्पताल से दो रेडियोलॉजिस्टों के एक साथ हुए स्थानांतरण के बाद अल्ट्रासाउंड के लिए मारामारी मच गई है। एक रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे अल्ट्रासाउंड सेंटर चल रहा है। इसकी वजह से जहां 150 से अधिक अल्ट्रासाउंड होते थे, वहीं अब संख्या 25 से 30 तक सिमट कर रह गई है। इसके विरोध में हंगामा किया गया।  

अस्पताल में प्रतिदिन करीब 600 महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। इनमें गर्भवती से लेकर प्रसूताएं शामिल हैं। इनमें करीब 150 से अधिक मरीजों को डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की सलाह देते हैं। लेकिन, पिछले दिनों रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एमबी तिवारी और डॉ. एके झा के गैर जनपद हुए स्थानांतरण के बाद स्थिति बिगड़ गई है।
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रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव अकेले अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं। इसकी वजह से दो मशीनें बंद है। वहीं, एक महिला रेडियोलॉजिस्ट के घर शादी के कारण वह अवकाश पर हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाएं सुबह छह बजे से ही लाइन लगाकर खड़ी थीं।

आठ बजे रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अनूप जैसे ही पहुंचे। कर्मचारियों ने सिर्फ 25 टोकन ही वितरित किया। इस पर घंटों से लाइन में खड़ी अन्य महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया।
 

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निजी सेंटरों पर 800 से एक हजार रुपये लग रहे

महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने की वजह से निजी सेंटरों पर भीड़ बढ़ गई है। अस्पताल के आसपास चल रहे सेंटर पर मजबूरी में 800 से एक हजार रुपये देकर अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है।

अल्ट्रासाउंड मशीनें खराब होने की आशंका
100 बेड मैंटरनिटी विंग में दो अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं। रेडियोलॉजिस्टों के स्थानांतरण के बाद दोनों मशीनें चार दिनों से बंद हैं। अस्पताल प्रशासन को डर है कि अगर मशीनें ऐसी ही बंद रहीं तो खराब हो जाएंगी।

महिला अस्पताल एसआईसी डॉ. एनके श्रीवास्तव ने कहा कि रेडियोलॉजिस्टों के स्थानांतरण के बाद केवल एक रेडियोलॉजिस्ट अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं। इसकी वजह से मरीजों को दिक्कतें हो रही है। रेडियोलॉजिस्ट की मांग की गई है।
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