बोलीं महिलाएं
कूड़ा प्रबंधन के लिए रसोई घर में काम करने वाली महिलाओं को जागरूक करने की जरूरत है। वे गीला व सूखा कूड़ा को अलग-अलग डस्टबिन में ही रखें और कूड़ा उठाने वाली गाड़ी को उसे सौंप दें। ऐसी महिलाओं को सम्मानित भी किया जाएगा। -निशा गोयल, अध्यक्ष जेसीआई स्वराज।
कूड़े का सही प्रबंधन होने से ही स्वच्छता मुहिम को सफल बनाया जा सकता है। गीले कूड़ से कंपोस्ट बनाने का निर्णय सराहनीय है। अन्य महिलाओं को भी जागरूक किया जाएगा। प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। -पायल अग्रवाल, सचिव, जेसीआई स्वराज।
सब्जी का छिलका व बचा हुआ भोजन लोग सड़क के किनारे फेंक देते हैं, जिसके सड़ने से बदबू फैलती है। गीले कूड़े से कंपोस्ट बनाने का फायदा मिलेगा। मोहल्ला साफ होगा तो पूरा शहर साफ रहेगा। इससे बीमारियों का प्रकोप भी कम होगा। -नेहा जायसवाल, डायरेक्टर, जेसीआई स्वराज।
गीले कूड़े से कंपोस्ट बनाने का विचार अच्छा है। हर मोहल्ले के लोगों को इससे जुड़ना चाहिए। गीले कूड़ा का सही प्रबंधन होने पर सड़क के किनारे फैली गंदगी को कम किया जा सकता है। कंपोस्ट का उपयोग किचन गार्डेन में भी हो सकता है। -संगीता अग्रवाल, डायरेक्टर, जेसीआई स्वराज।
स्वच्छता को लेकर लोगों की आदत में बदलाव हुआ है, लेकिन अभी बहुत प्रयास बाकी है। गीला व सूखा कूड़ा का प्रबंधन हर परिवार को सिखाया जाना चाहिए। सरकार के साथ हमारे संगठन को इस दिशा में सार्थक पहल करनी ही होगी। -कोमलजीत कोहली, सामाजिक कार्यकर्ता।
कूड़ा निस्तारण में सबसे अहम भूमिका महिलाओं की ही है। हम लोग घर में काम करने वाली महिला को कूड़ा फेंकने को कहकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्ति पा लेते हैं और वह महिला कूड़ा सड़क पर फेंक देती है। कूड़े को सही जगह फेंकने की आदत डालें। -निधि तुलस्यान, सामाजिक कार्यकर्ता।
कूड़े के सही प्रबंधन में घर की महिलाओं के अलावा नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी है। घर में अलग-अलग रखे गए कूड़े को सफाईकर्मी अलग-अलग गाड़ी से ले जाएं। अभी गाड़ियों में सभी प्रकार का कूड़ा एक साथ पड़ता है। -प्रिया अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता।
कूड़े की बढ़ती समस्या के निस्तारण की दिशा में गीले कूड़े से कंपोस्ट बनाने का प्रयास सराहनीय है। अगर हर घर से गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग छांट लिया जाए तो आसान हो जाएगा। रिसाइक्लिंग कर नई वस्तुओं का निर्माण भी हो सकता है। -बरखा गोयल, सामाजिक कार्यकर्ता।
गीले कूड़े से कंपोस्ट बनाने की प्रक्रिया न सिर्फ स्वच्छता व पर्यावरण के लिए बल्कि रोजगार की दिशा में भी बेहतर प्रयास है। इससे तमाम लोगों को रोजगार मिलेगा। कंपोस्ट आसानी से उपलब्ध होने पर जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। -त्रिशला मंझानी, सामाजिक कार्यकर्ता।
कूड़ा प्रबंधन अब खुद की सेहत के लिए भी जरूरी है। गीले कूड़े का सही प्रबंधन नहीं किया गया तो संक्रामक बीमारियों का भी कहर झेलना होगा। इसलिए हर परिवार को इस मुहिम का हिस्सा बनकर गीले कूड़े से कंपोस्ट बनाने में मदद देनी चाहिए। -अनुराधा जैन, सामाजिक कार्यकर्ता।