फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमर उजाला संवाद: जेसीआई स्वराज की पदाधिकारी बोलीं, कूड़ा प्रबंधन में अच्छा कार्य करने वाली महिलाएं होंगी सम्मानित

Tue, 15 Mar 2022 01:34 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

 सोमवार को अमर उजाला सिटी कार्यालय में संवाद आयोजित किया गया। संवाद में शामिल महिलाओं ने इस प्रयास की सराहना की और कहा कि बदलाव की शुरुआत हमेशा खुद से ही करनी होती है।
विज्ञापन
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सामाजिक संगठन जेसीआई स्वराज से जुड़ीं महिलाएं अपने घरों में काम करने वाली महिलाओं को कूड़ा प्रबंधन के लिए जागरूक करेंगी। गीला कूड़ा व सूखा कूड़ा अलग-अलग छांटकर रखने, फिर उन्हें नगर निगम की गाड़ी को उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करेंगी। ऐसा कार्य नियमित करने वाली महिला कर्मी को सम्मानित किया जाएगा। यह निर्णय सोमवार को मोहद्दीपुर स्थित अमर उजाला के सिटी कार्यालय में आयोजित संवाद में जेसीआई स्वराज संगठन की पदाधिकारियों ने किया।  

विज्ञापन


अमर उजाला फाउंडेशन और नगर निगम की अनूठी मुहिम के तहत रसोई घर से निकलने वाले गीले कचरे से खाद बनाने की शुरुआत हुई है। शहर की कई कॉलोनियों व अपार्टमेंट के सैकड़ों लोग इस मुहिम का हिस्सा बन गए हैं। लोगों ने अपने घर गीला कूड़ा व सूखा कूड़ा के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखा है। नगर निगम की गाड़ी इस कूड़े को ले जाती है, जिससे कंपोस्ट खाद बनाई जा रही है।

इसी कड़ी में सोमवार को अमर उजाला सिटी कार्यालय में संवाद आयोजित किया गया। संवाद में शामिल महिलाओं ने इस प्रयास की सराहना की और कहा कि बदलाव की शुरुआत हमेशा खुद से ही करनी होती है। अगर घर से निकले गीले कूड़े का सही प्रबंधन हो जाए तो न सिर्फ गंदगी खत्म होगी, बल्कि अपने घर फूल व सब्जी उगाने के शौकीनों को भी आसानी से कंपोस्ट खाद मिल सकेगी।
विज्ञापन


 

Trending Videos
विज्ञापन

बोलीं महिलाएं

कूड़ा प्रबंधन के लिए रसोई घर में काम करने वाली महिलाओं को जागरूक करने की जरूरत है। वे गीला व सूखा कूड़ा को अलग-अलग डस्टबिन में ही रखें और कूड़ा उठाने वाली गाड़ी को उसे सौंप दें। ऐसी महिलाओं को सम्मानित भी किया जाएगा। -निशा गोयल, अध्यक्ष जेसीआई स्वराज।

कूड़े का सही प्रबंधन होने से ही स्वच्छता मुहिम को सफल बनाया जा सकता है। गीले कूड़ से कंपोस्ट बनाने का निर्णय सराहनीय है। अन्य महिलाओं को भी जागरूक किया जाएगा। प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। -पायल अग्रवाल, सचिव, जेसीआई स्वराज।

सब्जी का छिलका व बचा हुआ भोजन लोग सड़क के किनारे फेंक देते हैं, जिसके सड़ने से बदबू फैलती है। गीले कूड़े से कंपोस्ट बनाने का फायदा मिलेगा। मोहल्ला साफ होगा तो पूरा शहर साफ रहेगा। इससे बीमारियों का प्रकोप भी कम होगा। -नेहा जायसवाल, डायरेक्टर, जेसीआई स्वराज।
 
गीले कूड़े से कंपोस्ट बनाने का विचार अच्छा है। हर मोहल्ले के लोगों को इससे जुड़ना चाहिए। गीले कूड़ा का सही प्रबंधन होने पर सड़क के किनारे फैली गंदगी को कम किया जा सकता है। कंपोस्ट का उपयोग किचन गार्डेन में भी हो सकता है। -संगीता अग्रवाल, डायरेक्टर, जेसीआई स्वराज।

स्वच्छता को लेकर लोगों की आदत में बदलाव हुआ है, लेकिन अभी बहुत प्रयास बाकी है। गीला व सूखा कूड़ा का प्रबंधन हर परिवार को सिखाया जाना चाहिए। सरकार के साथ हमारे संगठन को इस दिशा में सार्थक पहल करनी ही होगी। -कोमलजीत कोहली, सामाजिक कार्यकर्ता।

कूड़ा निस्तारण में सबसे अहम भूमिका महिलाओं की ही है। हम लोग घर में काम करने वाली महिला को कूड़ा फेंकने को कहकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्ति पा लेते हैं और वह महिला कूड़ा सड़क पर फेंक देती है। कूड़े को सही जगह फेंकने की आदत डालें। -निधि तुलस्यान, सामाजिक कार्यकर्ता।

कूड़े के सही प्रबंधन में घर की महिलाओं के अलावा नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी है। घर में अलग-अलग रखे गए कूड़े को सफाईकर्मी अलग-अलग गाड़ी से ले जाएं। अभी गाड़ियों में सभी प्रकार का कूड़ा एक साथ पड़ता है। -प्रिया अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता।

कूड़े की बढ़ती समस्या के निस्तारण की दिशा में गीले कूड़े से कंपोस्ट बनाने का प्रयास सराहनीय है। अगर हर घर से गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग छांट लिया जाए तो आसान हो जाएगा। रिसाइक्लिंग कर नई वस्तुओं का निर्माण भी हो सकता है। -बरखा गोयल, सामाजिक कार्यकर्ता।

गीले कूड़े से कंपोस्ट बनाने की प्रक्रिया न सिर्फ स्वच्छता व पर्यावरण के लिए बल्कि रोजगार की दिशा में भी बेहतर प्रयास है। इससे तमाम लोगों को रोजगार मिलेगा। कंपोस्ट आसानी से उपलब्ध होने पर जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। -त्रिशला मंझानी, सामाजिक कार्यकर्ता।

कूड़ा प्रबंधन अब खुद की सेहत के लिए भी जरूरी है। गीले कूड़े का सही प्रबंधन नहीं किया गया तो संक्रामक बीमारियों का भी कहर झेलना होगा। इसलिए हर परिवार को इस मुहिम का हिस्सा बनकर गीले कूड़े से कंपोस्ट बनाने में मदद देनी चाहिए। -अनुराधा जैन, सामाजिक कार्यकर्ता।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें