सरयू-यमुना एक्सप्रेस से अंबाला से बलिया जा रही महिला को सफर के दौरान ही प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। आरपीएफ की महिला जवान की सूचना पर गोरखपुर जंक्शन पर आपात प्रसव कराया गया। रेलवे अस्पताल से पहुंचीं डॉक्टर ने महिला और बच्चे की सेहत की जांच की। प्राथमिक उपचार के बाद महिला और बच्चे को लेकर भाई गांव के लिए रवाना हो गया।
गुरुवार दोपहर में अयोध्या स्टेशन से जाने वाली सरयू-यमुना एक्सप्रेस डायवर्ट होकर गोरखपुर के रास्ते चलाई गई। दोपहर करीब दो बजे ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर आई। वहां ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ की उप निरीक्षक दीपिका यादव को दीपक नामक युवक ने बताया कि ट्रेन के स्लीपर कोच में उसकी बहन को प्रसव पीड़ा हो रही है। वह मझवलिया, बलिया का रहने वाला है।
दीपिका ने सूचना आरपीएफ प्रभारी को दी, जिसके बाद यात्री मित्र को जानकारी देकर रेलवे अस्पताल से डॉक्टर को बुलाया गया। प्लेटफॉर्म पर चादर का घेरा बनाकर डॉक्टर ने प्रसव कराया। जिसके बाद महिला व बच्चे को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां से कुछ देर बाद डॉक्टर ने घर जाने की इजाजत दे दी। भाई दीपक ने फोन पर बताया कि उसकी जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं और बलिया स्थित अपने घर पहुंच गए हैं।