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डॉक्टर को कोरोना संक्रमित करने वाली महिला ने शहर के एक और अस्पताल में कराया था इलाज, मचा हड़कंप

Sun, 24 May 2020 09:56 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • बरगदवां की संक्रमित महिला ने गोरखनाथ क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भी कराया था इलाज
  • महिला एसपीजीआई में पाई गई थी पॉजिटिव
  • ईसीजी करने वाला बेतियाहाता का एक डॉक्टर भी है निकल चुका है पॉजिटिव
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कोरोना वायरस। - फोटो : PTI
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विस्तार
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गोरखपुर बरगदवां निवासी कोरोना पॉजिटिव महिला ने गोरखनाथ क्षेत्र के 10 नंबर बोरिंग के पास एक निजी अस्पताल में इलाज कराया था। अस्पताल में करीब डेढ़ घंटा तक रही। उसी अस्पताल में उसका सिटी स्कैन हुआ था। बाद में बेतियाहाता में वह एक अस्पताल में ईसीजी करनो पहुंची थी। जहां का एक डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव मिला है।

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जानकारी के मुताबिक महिला 15 मई की रात में घर में बेहोश हो गई थी। परिजन तत्काल गोरखनाथ क्षेत्र के 10 नंबर  बोरिंग के पास स्थित एक न्यूरो के अस्पताल में इलाज के लिए ले गए। वहां न्यूरो के डॉक्टर की सलाह पर अस्पताल में ही सिटी स्कैन कराया। अस्पताल में मौजूद मेडिकल ऑफिसर ने सीनियर को सीटी स्कैन दिखाया।

रिपोर्ट नॉर्मल होने के बाद ईसीजी की गई तो गड़बड़ी मिली। इसके बाद न्यूरो के डॉक्टर ने महिला को हार्ट के डॉक्टर के पास रेफर कर दिया। जहां महिला बेतियाहाता स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए आई थी।
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पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद भी नहीं दी सूचना

महिला की रिपोर्ट 18 मई को एसपीजीआई में पॉजिटिव आई। इसके बाद महिला के संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू की गई। इस बीच हार्ट के डॉक्टर की रिपोट 21 मई को निगेटिव आ गई। लेकिन उनके साथ में ईसीजी करने वाले जूनियर डॉक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई।

इन सबके बावजूद भी गोरखनाथ क्षेत्र के उस अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को कोई सूचना नहीं दी। न ही अस्पताल को बंद कर सैनिटाइज कराया। इस अस्पताल में मरीजों का इलाज भी जारी है।

महिला के परिवार का युवक भी है पॉजिटिव
बताया जाता है कि महिला के पॉजिटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने परिवार के दूसरे सदस्यों की जांच कराई। जिसमें परिवार का एक और सदस्य संक्रमित मिला है। वह बीआरडी में भर्ती है।

सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि महिला के परिवार का संक्रमित सदस्य मुख्य स्रोत है। अस्पताल की सूचना नहीं मिली। अब इसे दिखवाया जाएगा। अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की कराई जाएगी। अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारियों की जांच होगी।
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