बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में भर्ती महिला की मौत का मामला प्रकाश में आया है। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि आपरेशन के पहले मरीज को इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद से वह बेहोश हो गई। इसके बाद पांच दिनों तक आईसीयू में डॉक्टरों ने इलाज किया। इस बीच कुछ भी बताया नहीं। शुक्रवार को मौत की जानकारी दी है।
जानकारी के मुताबिक, देवरिया के भाटपाररानी की रहने वाली 49 वर्षीय तारा देवी तीन अक्तूबर को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में भर्ती हुई थीं। भांजी रीवा सिंह का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया था। पूछने पर वह कुछ बताया नहीं जा रहा था। आरोप है कि ऑपरेशन थियेटर में डॉक्टरों की लापरवाही के चलते ही उनकी मौत हुई है। प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा है कि इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। लिखित शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।
हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. पवन प्रधान का कहना है कि लापरवाही की बात निराधार है। आपरेशन चल रहा था। इस बीच उन्हें हार्ट अटैक आ गया। यह किसी भी मरीज के साथ संभव है। इसके बाद आपरेशन बंद कर टांका लगाकर आईसीयू में भर्ती कर दिया गया था। शुक्रवार को मरीज की मौत हो गई।