रामगढ़ताल थाने की पुलिस ने शुक्रवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह के पास वाहन चेकिंग के दौरान रील्स बना रहे बुलेट सवार दो किशोरों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान गगहा थानाक्षेत्र के हटवा निवासी 16 वर्षीय किशोर के पास से अमेरिकी चाकू और 15 वर्षीय किशोर के पास से पिस्टल बरामद हुई।
पापा की बुलेट, अमेरिकी चाकू और चाची की पिस्टल लेकर शुक्रवार को नौकायान के पास रील्स बनाना दो किशोरों को महंगा पड़ गया। रामगढ़ताल थाने की पुलिस ने किशोरों को पकड़कर पूछताछ की तो दोनों माफी मांगने लगे।
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पुलिस ने निजी मुचलका भरवाकर किशोरों को तो छोड़ दिया लेकिन पिस्टल लाइसेंस धारक बस्ती के लालगंज क्षेत्र की रहने वाली अल्पना सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पिस्टल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए डीएम को पत्र भेजा जा रहा है और बुलेट जब्त कर ली है।
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रामगढ़ताल थाने की पुलिस ने शुक्रवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह के पास वाहन चेकिंग के दौरान रील्स बना रहे बुलेट सवार दो किशोरों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान गगहा थानाक्षेत्र के हटवा निवासी 16 वर्षीय किशोर के पास से अमेरिकी चाकू और 15 वर्षीय किशोर के पास से पिस्टल बरामद हुई।
पूछताछ में 16 वर्षीय किशोर ने बताया कि बुलेट उसके पापा मृत्युंजय सिंह के नाम से पंजीकृत है जबकि पिस्टल का लाइसेंस चाची के नाम पर है। दस्तावेज चाची के पास ही हैं। 15 वर्षीय किशोर ने अमेरिकी चाकू झारखंड से खरीदने की बात स्वीकार की। दोनों ने यह भी स्वीकार किया कि भौकाल बनाने के लिए पिस्टल और चाकू लेकर चलते थे।
पुलिस की सूचना पर 16 वर्षीय किशोर के चाचा और बड़े बड़े ताऊ थाने पहुंचे। बताया कि किशोर के पिता बाहर हैं। पुलिस ने उन्हें किशोर की करतूत बताई तो दोनों शर्मिंदा हो गए और भतीजे को डांट लगाई। मुचलका भरकर भतीजे को साथ घर ले गए। वहीं 15 वर्षीय किशोर के पिता और मौसा ने थाने पहुंचकर मुचलका भरकर उसे मुक्त कराया। कहा कि बेटे की हरकतों से पूरे परिवार को शार्मिंदा होना पड़ा।
पुलिस ने जब्त की बुलेट
रामगढ़ताल थानाप्रभारी चितवन कुमार ने बताया कि पिस्टल की लाइसेंस धारक बस्ती जिले के लालगंज थानाक्षेत्र के खरका की रहने वाली के अल्पना सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। साथ ही पिस्टल का लाइसेंस निरस्त कराने के लिए बस्ती डीएम को पत्र भेजा जाएगा।
हालांकि, किशोरों के पास मिली पिस्टल में गोली नहीं थी। पिस्टल और चाकू कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी की धारा नहीं होने की वजह से दोनों किशोरों को निजी मुचलके पर थाने से ही छोड़ दिया गया। एमवी एक्ट कार्रवाई करते हुए बुलेट जब्त कर ली गई है।
रीलबाजों का अड्डा बना नौका विहार
गोरखपुर। नौका विहार पर रील बनाने वालों की भीड़ बढ़ती जा रही है। सुबह से देकर शाम तक इनकी धमा-चौकड़ी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सर्वाधिक दिक्कत परिवार के साथ आए लोगों को होती है। बीते दिनों रील बनाने के लिए स्टंटबाजी करने वालों पर पुलिस ने कार्रवाई भी की थी।
योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह के पास वाली सड़क पर सुबह की अपेक्षा शाम को युवा बाइक से रील बनाते नजर आ जाएंगे। यहां अब आम लोगों की कम और रीलबाजों की आमद ज्यादा है। आम लोग इससे कतराते हैं कि कहीं वीडियो में न आ जाएं। वहीं, कुछ युवा प्रैंक वीडियो भी बनाते रहते हैं।
पुलिस के रडार पर अश्लीलता फैलाने वाले
सोशल मीडिया पर गाली-गलौज और अश्लीलता को प्रमोट करने वाले रीलबाज अब पुलिस के राडार पर हैं। डीआईजी डाॅ. एस चनप्पा के निर्देश पर गोरखपुर समेत रेंज के सभी जिलों में ऐसे सभी अकाउंट की पहचान की जा रही है। जल्द ही इन अकाउंट को बंद कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। डीआईजी ने साइबर थाना और साइबर सेल को निर्देशित किया है कि ऐसे कंटेंट को तत्काल चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाए
आत्म अनुशासन जरूरी
रील्स बनाने और देखने की लत अब सामाजिक समस्या के रूप में सामने आ रही है। रील्स की लत में किशोर और युवा गलत रास्ते पर भी बढ़ रहे हैं। कभी तमंचा लहराते नजर आ रहे हैं तो कभी स्टंट करते। सुधार के लिए आत्म‑अनुशासन सर्वाधिक जरूरी है। आज कल्पनाओं की दुनिया में जाकर सेलिब्रिटी बनने की प्रवृत्ति ख़तरनाक स्वरूप ग्रहण कर रही है।
लोग दूसरों की ‘हाइलाइट रील’ से अपनी वास्तविकता की तुलना करते हैं, जिससे असंतोष, हीनभावना और अवास्तविक जीवन अपेक्षाएँ उत्पन्न होती हैं। बहुत सी रील्स में पॉपुलर होने के लिए किसी भी हद तक जाकर अशुद्ध या अपसंस्कृत भाषा, अश्लीलता और अमर्यादित व्यवहार को ‘ग्लैमराइज़’ किया जाता है, जो युवा वर्ग के व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव डालता है: डॉ. मनीष पाण्डेय समाजशास्त्र विभाग दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय