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Gorakhpur News: दोपहर में पहुंचे तो पता चला सुबह ही हो गई परीक्षा, भड़के छात्र -बिना सूचना ही कर दिया ये बदलाव

Wed, 10 Apr 2024 06:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो
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DDU gorakhpur - फोटो : अमर उजाला।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में बार-बार समय सारिणी बदलने से कई छात्र दुविधा में फंस गए और दोपहर में जब परीक्षा देने पहुंचे तो पता चला कि उनकी परीक्षा तो सुबह ही हो गई। इसके बाद छात्र एकत्र होने लगे और फिर नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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दोपहर दो बजे तक वीसी दफ्तर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने संयम से काम लिया और छात्रहित को देखते हुए छूट छात्रों की परीक्षाएं 12 मई को कराने का निर्णय लिया। इसके बाद छात्र शांत हुए और लौट गए।

गोरखपुर विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में मंगलवार को एमए प्रथम वर्ष में हिंदी, राजनीति शास्त्र, संस्कृत, इतिहास व अंग्रेजी की परीक्षा थी। पहले यह परीक्षा दोपहर दो बजे से होनी थी, लेकिन पांच दिन पहले चार अप्रैल को इसे बदलकर सुबह 8 से 11 बजे कर दिया गया।
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मंगलवार को जब पुरानी समय सारिणी को डाउनलोड करने वाले विद्यार्थी जब दोपहर दो बजे के अनुसार परीक्षा देने पहुंचे तो पता चला कि परीक्षा तो सुबह ही हो गई। इसके बाद छात्र जुटने लगे और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। विभागों से निकलकर छात्र कुलपति कार्यालय पहुंच गए।

तीन बार जारी हुई समय सारिणी
गोरखपुर। विश्वविद्यालय ने तीन बार समय सारिणी को बदला। सबसे पहले 18 मार्च को वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी जारी की गई। इसमें दो पालियों सुबह सात से 10 बजे और दोपहर दो से पांच बजे तक परीक्षा का समय दिया गया था।

इसके बाद दो अप्रैल को परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव हुआ और संशोधित समय सारिणी को वेबसाइट पर अपलोड किया। इसमें परीक्षा का का समय पहले वाला ही था। इसके बाद चार अप्रैल को एक बार फिर बदलाव किया गया।

कुछ विषयों की तिथि बदली लेकिन ज्यादातर की पहले वाली ही रही। इसमें बड़ा बदलाव यह हुआ कि पालियों का समय बदलकर आठ से 11 बजे और एक से चार बजे कर दिया गया। इसके साथ ही कुछ विषयों की परीक्षा को दोपहर की जगह सुबह की पाली में कर दिया गया।

सैकड़ों परीक्षार्थियों ने पहले ही समय-सारिणी को डाउनलोड कर लिया था। उन्हें संशोधित समय-सारिणी की जानकारी नहीं थी।

प्रवेश पत्र में भी नहीं है जानकारी
विश्वविद्यालय में संस्थागत विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र में परीक्षा का दिन और समय लिखा होता है, लेकिन प्राइवेट विद्यार्थियों ने एक-दो दिन पहले प्रवेश पत्र डाउनलोड किया तो उसमें भी परीक्षा की तिथि, समय और परीक्षा केंद्र का उल्लेख नहीं था।

दोपहर में एक बजे जब वे विश्वविद्यालय केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे, तब पता चला कि उनकी परीक्षा पहली पाली में ही समाप्त हो गई। यह सुनकर परीक्षार्थियों के होश उड़ गए।

कॉलेजों में भी छूटी परीक्षा
समय-सारिणी में बदलाव की वजह से विश्वविद्यालय केंद्र पर ही नहीं देवरिया और कुशीनगर के भी केंद्रों पर सैकड़ों विद्यार्थियों की परीक्षा छूट गई। दरअसल, प्राइवेट में ज्यादातर वे लोग ही फॉर्म भरते हैं, जो कहीं न कहीं नौकरी कर रहे हैं और उनको डिग्री की जरूरत है।

संस्थागत विद्यार्थी हमेशा वेबसाइट को देखते हैं या उनको ग्रुप से सूचनाएं मिल जाती हैं। प्राइवेट विद्यार्थी केवल परीक्षा के समय आते हैं और पहले वर्ष में किसी को भी नहीं जानते।

12 मई को होगी परीक्षा
परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि नौ अप्रैल को समय सारिणी की जानकारी के अभाव में जिन विद्यार्थियों की परीक्षा छूट गई उनकी परीक्षा 12 मई को दोपहर की पाली में एक से चार बजे से होगी।

इसके साथ ही कॉलेजों में प्राचार्य और केंद्राध्यक्षों से कहा गया है कि वे कॉलेज के सूचना पट्ट पर चार अप्रैल को जारी संशोधित समय सारिणी को प्रदर्शित करें। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए इसे पहले ही वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है।
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पहले दिन 4675 विद्यार्थियों ने दी परीक्षा
वार्षिक परीक्षाओं के पहले दिन विश्वविद्यालय केंद्र पर पहली पाली में पंजीकृत 2674 में से 2268 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। दूसरी में करीब 2317 विद्यार्थी पंजीकृत थे जिसमें 2227 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए।

कुल मिलाकर पहले दिन 4675 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। दूसरी पाली में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कला संकाय में जाकर परीक्षा का निरीक्षण किया। इसके साथ ही आईसीटी सेल में जाकर परीक्षा की तैयारी की समीक्षा की।
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