ट्रेनें रद्द हुईं तो फ्लाइट से करने लगे यात्रा, बिगड़ी एयरपोर्ट की व्यवस्था
एयरपोर्ट पर यात्रियों की हर दिन जुट रही 3500 से अधिक भीड़, टर्मिनल में कम जगह होने की वजह से परेशान हो रहे यात्री
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रेलवे स्टेशन पर मेगा ब्लॉक के चलते कई ट्रेनों के रद्द होने की वजह से एयरपोर्ट पर फ्लाइट से यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ गई है। एक तरफ फ्लाइट की लेटलतीफी का सिलसिला जारी है, दूसरी तरफ भीड़ की वजह से एयरपोर्ट के 100 यात्रियों की क्षमता वाले टर्मिनल में व्यवस्थाएं बिगड़ गई हैं। ट्रेन से कई गुना किराया खर्च करने के बाद भी यात्री धक्के खाने को मजबूर हैं।
सोमवार को एयरपोर्ट पर बड़हलगंज से आए रविंद्र तिवारी ने बताया कि भाई दिल्ली से आ रहा है। पहले ट्रेन से टिकट बुक कराने की कोशिश की, लेकिन मेगा ब्लॉक की वजह से संभव नहीं हो सका। घर में शादी है, इसलिए आना जरूरी था, इसलिए उसने दिल्ली से फ्लाइट का टिकट बुक कराया है।
रविंद्र ने बताया कि इतना रुपया खर्च करने के बाद भी यात्रियों को रिसीव करने आने वाले परिजनों के बैठने के लिए कहीं कोई इंतजाम नहीं है। धूप में सड़क पर खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है।
एयरपोर्ट गेट से शाम 5:40 बजे गौरी बाजार के सौरभ चौहान बाहर निकले। उन्होंने बताया कि एक-एक मिनट बचाने के लिए महंगा होते हुए भी फ्लाइट का टिकट बुक कराया। एयरपोर्ट पर फ्लाइट एक घंटे देर से आई। टर्मिनल पर आने पर सामान के लिए भी लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा। टर्मिनल में इतनी भीड़ थी कि कहीं से भी एयरपोर्ट वाला अहसास नहीं हुआ। इससे तो अच्छा था कि ट्रेन से टिकट बुक कराकर गोरखपुर आया होता।
कब-कब क्या हुआ
15 अप्रैल : मुंबई की फ्लाइट निरस्त रही, 55 यात्रियों का दिल्ली में ही लगेज छूट गया। देर शाम तक यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।
16 अप्रैल : लेटलतीफी से कई फ्लाइट टैक्सी-वे पर रोकनी पड़ीं। आधे से एक घंटे तक यात्री अंदर ही फंसे रहे। टर्मिनल में यात्रियों की अधिक भीड़ होने की वजह से अफरातफरी रही।
17 अप्रैल : एयरपोर्ट के टैक्सी-वे में दिल्ली और बंगलूरू से आई फ्लाइट को रोका गया। इस वजह दोनों ही फ्लाइट के चार सौ यात्री आधे घंटे तक अंदर ही फंसे रहे।
18 अप्रैल : एप्रन खाली न होने की वजह से दिल्ली, मुंबई और बंगलूरू के विमान ने देर से उड़ान भरी।
19 अप्रैल : एयरपोर्ट पर आए 55 यात्रियों का दिल्ली में लगेज छूट गया। इस वजह से सात घंटे तक इंतजार करना पड़ा। शाम को दूसरी फ्लाइट से उनका लगेज आया।
20 अप्रैल : अकासा एयरलाइन की बंगलूरू जाने वाली फ्लाइट ने विशेष अनुमति (स्पेशल परमिशन) मिलने के बाद रात 9:19 बजे उड़ान भरी। कई फ्लाइट की उड़ान में हुई देरी।
एयरपोर्ट पर कब- कब कितने यात्री आए
17 अप्रैल को यात्रियों का आवागमन- 3574
18 अप्रैल का यात्रियों का आवागमन- 3504
19 अप्रैल का यात्रियों का आवागमन- 3292
20 अप्रैल का यात्रियों का आवागमन- 3637
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यात्री-परिजन बोलेबच्चों ने कहा कि फ्लाइट से टिकट बुक कराकर आऊंगा तो जल्दी घर पहुंच जाऊंगा, लेकिन यहां भी कोलकाता से विलंब से ही फ्लाइट एयरपोर्ट पर आई है। अच्छा अनुभव नहीं रहा।
- बाबू नंद, तमकुही, कुशीनगर
एयरपोर्ट पर अभी बहुत काम बाकी है। यहां पर टैक्सी-वे में इंतजार करना पड़ रहा है। इधर 10-15 दिनों में समस्या अधिक बढ़ी है। फ्लाइट की संख्या बढ़ाते जा रहे हैं, लेकिन सुविधा में कटौती होती जा रही है।
अखिलेश, देवरिया
रिश्तेदार कोलकाता से आ रहे हैं। उन्होंने बताया था कि 4:30 बजे तक फ्लाइट एयरपोर्ट पर आ जाएगी। चार बजे ही एयरपोर्ट पर आ गया हूं। एक घंटे से अधिक समय बीत गया अभी तक फ्लाइट नहीं आई है।
हरिशंकर यादव, रुद्रपुर
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वर्जन
एयरपोर्ट पर नया एप्रन बनने के बाद सारी समस्या खत्म हो जाएगी। एयरपोर्ट पर 13 फ्लाइट उड़ान भर रही हैं। यात्रियों की संख्या भी काफी बढ़ गई है। इस वजह से थोड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
- आरके पराशर, निदेशक, एयरपोर्ट