जिन किसानों ने गेहूं की बुआई पहले की थी वे अपना गेहूं काटकर स्थानीय व्यापारियों को 2100 रुपये प्रति क्विंटल या उससे अधिक मूल्य पर बेच रहे हैं। व्यापारी उनके घर से गेहूं उठा रहे हैं। इसलिए किसान क्रय केंद्र की अपेक्षा व्यापारियों को गेहूं बेचने में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। कुछ किसानों ने 2170 रुपये प्रति क्विंटल भी गेहूं बेचा है। व्यापारी अपना गेहूं फ्लोर मिल को दे रहे हैं।
किसानों को तुरंत भुगतान मिल रहा है। इसलिए वह बिना किसी झंझट के अपना गेहूं व्यापारियों को बेच रहे हैं। लेकिन, गगहा क्षेत्र के बड़े व्यापारी राजनाथ गुप्ता का कहना है कि कुछ किसान अधपका गेहूं काटकर बेचने लगे। अब मिल वाले कम दाम गेहूं का देने को कह रहे हैं। इस लिए व्यापारी भी 2000 रुपये क्विंटल की दर पर गेहूं मांग रहे हैं।
डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय ने कहा कि गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू होगी। इसके लिए जनपद में 137 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। सभी क्रय केंद्रों पर बोरा, खरीद उपकरण और धन की व्यवस्था कर दी गई है। जो किसान अपना गेहूं ले जाएगा उसकी खरीद की जाएगी। इसके लिए किसान अपना रजिस्ट्रेशन करा लें।