पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक की चंद्रवीर रमण की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक हुई, जिसमें ट्रेनों के समय पालन में सुधार और खर्च पर नियंत्रण पर चर्चा हुई। रेल यूनियनों ने कहा कि ट्रेनें डोमिनगढ़ और कैंट स्टेशनों पर आकर खड़ी हो जाती हैं। इससे यात्री परेशान होते हैं। साथ ही स्टेशनों पर पुराने सामान रखे गए हैं ऐसे सामानों को स्क्रैप में बेच कर स्थान खाली कराया जाना चाहिए।
महाप्रबंधक ने कहा कि विद्युतीकरण का कार्य तेजी से किया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे के कुल 3470.90 किमी. में से अब 90 प्रतिशत बड़ी लाइन का रेल नेटवर्क हो गया है। प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक संजय त्रिपाठी ने कहा कि गाड़ियों की गति बढ़ाए जाने एवं समयबद्धता पर पूर्वोत्तर रेलवे का सिस्टम काम कर रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रथम श्रेणी अधिकारी संघ के महामंत्री पंकज कुमार सिंह ने रेलवे पर खर्च में कमी का सुझाव दिया।
एनई रेलवे मजदूर यूनियन के अध्यक्ष बसंत लाल चतुर्वेदी ने गोरखपुर स्टेशन पर यात्रियों के लिए डारमेट्री तथा रेलकर्मियों के लिए रेस्ट रूम पूर्व की भांति बनाए जाने, रनिंग रूम एवं ऐसे अन्य स्थानों पर बिजली बचाने के लिए सेंसर लगाने का सुझाव दिया। महामंत्री केएल गुप्त ने कहा कि डोमिनगढ़ एवं गोरखपुर छावनी पर गाड़ियों के देर तक खड़ी रहने से रेलकर्मियों एवं यात्रियों को दिक्कतें होती हैं।
इस दौरान ओबीसी रेल कर्मचारी एसोसियेशन के अध्यक्ष एसबी यादव, आल इंडिया एससी, एसटी रेलवे इम्प्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष बच्चू लाल, उप महाप्रबंध, सामान्य केसी सिंह आदि मौजूद रहे।