एमएसीपी कानून लागू होने के बाद एक अप्रैल 2021 से पहली बार सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। इसे लेकर एक दिन पहले ही सभी तैयारी पूरी कर ली गई थी। शासन के निर्देश पर पहली बार खरीदारी के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है। गेहूं खरीद के लिए 88 क्रय केंद्र बनाए हैं। इन केंद्रों पर 1975 रुपये प्रति कुंतल समर्थन मूल्य शासन ने निर्धारित किया है।
जानकारी के मुताबिक जिले में करीब पौने दो लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती होती है। होली के बाद इसकी कटाई भी शुरू हो गई है। गेहूं खरीद के लिए खाद्य एवं रसद विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। इस बार कुल 88 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 27, पीसीएफ के 44, पीसीयू के पांच, यूपीएसएस के नौ, मंडी के दो और भारतीय खाद्य निगम के केंद्र बनाए गए हैं।
केंद्र सुबह नौ से छह बजे तक खुल जाएंगे। इन केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं की खरीदारी शुरू हो जाएगी, जो 15 जून तक चलती रहेगी। डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय ने बताया कि केंद्र खरीद के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। अब तक 88 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। पारदर्शिता पूर्ण खरीदारी का लक्ष्य है। किसी भी किसान को कोई परेशानी नहीं होगी। क्रय केंद्रों पर पानी और पंखे की व्यवस्था रहेगी। सभी केंद्रों पर नोडल अधिकारी भी बना दिए गए हैं।