रबी की कमजोर पैदावार के बावजूद गोरखपुर जिले में सरकारी एजेंसियों पर गेहूं की रिकॉर्ड खरीद हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में 240.88 फीसदी से अधिक गेहूं खरीदा गया। अच्छी बात यह रही कि उपज बेचने वाले 80 फीसदी किसानों के खाते में रकम भी पहुंच गई है।
क्षेत्रीय खाद्य निगम कार्यालय से जारी आंकड़ों के अनुसार, इस रबी सीजन में 22 जून तक विभिन्न एजेंसियों के जरिए जिले में 112011.189 मीट्रिक टन गेहूं खरीद की जा चुकी थी। यह पिछले रबी सीजन में हुई 46.5 हजार मीट्रिक टन से करीब ढाई गुना ज्यादा है। जिले में विभिन्न खरीद एजेंसियों के 139 क्रय केंद्रों पर 24802 किसानों ने अपनी उपज बेची।
किसानों के खाते में अब तक 18028.33 लाख रुपये ऑनलाइन भुगतान भी किया जा चुका है। एक सप्ताह के अंदर बकाया 4093.88 लाख रुपये भी किसानों के खाते में डाल दिया जाएगा। सबसे ज्यादा 43109 मीट्रिक टन खरीद पीसीएफ ने 68 क्रय केंद्रों के जरिए की। दूसरे नंबर पर खाद्य विभाग रहा।
विभाग ने 31242.258 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा। मंडी समिति के 67 क्रय केंद्रों पर मात्र 1606 मीट्रिक टन ही गेहूं खरीदा गया।
क्षेत्रीय खाद्य निगम के आरएमओ राकेश मोहन पांडेय ने बताया कि 22 जून तक विभिन्न एजेंसियों ने 111836.24 और भारतीय खाद्य निगम ने 174.95 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की। गोरखपुर जनपद में रबी की फसल का यह नया रिकॉर्ड है। खरीदे गए गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए भंडारग्रहों में विशेष प्रबंध किए गए हैं।