थोक व्यापारी आनंद गुप्ता ने कहा कि काले धन को बाहर निकालने के लिए दो हजार के नोट को चलन से बाहर किया जा रहा है। लेकिन, दो हजार के नोट से व्यापारियों को काफी सहूलियत होती थी, छोटे नोटों के कारण रुपये लाने और ले जाने में अब दिक्कत होगी।
समय की बर्बादी होगी
थोक व्यापारी रमेश कसौधन ने कहा कि आरबीआई की घोषणा के बाद अब ज्यादातर ग्राहक दो हजार के ही नोट लेकर बाजार आएंगे। मजबूरी में नोट हमें लेना होगा। नोट बदलने के लिए हमें बैंक जाना पड़ेगा, इससे समय की बर्बादी तो होगी ही व्यापारियों का भी नुकसान होगा।
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बाजार में होगी बड़ी परेशानी
राजश्री स्वीट्स राज आर्या ने कहा कि छोटे व्यापारियों की दिक्कतें इस फैसले के बाद बढ़ जाएंगी। ग्राहक अब अपने 2000 के दो-तीन नोट लेकर ही खरीदारी करने आएंगे। इससे उनका भार तो कम होगा, लेकिन हमारे जैसे छोटे व्यापारियों की दिक्कतें बढ़ जाएंगी। सरकार नोट चलाने को लेकर एक स्थायी फैसला नहीं लेती। खामियाजा छोटे दुकानदार भुगतते हैं।
फुटकर व्यापारी शम्स अहमद राइन ने कहा कि आरबीआई का फैसला चौंकाने वाला है। उम्मीद नहीं थी कि इस तरह का कोई फैसला अचानक आएगा। काले धन निकालने के लिए ये अच्छा कदम है, लेकिन इससे व्यापारियों को दिक्कतें बढ़ेंगी।
शादियों के बाद करते फैसला
शिप्रा मैरेज हाउस विनीत अग्रवाल ने कहा कि सरकार का यह फैसला शादियों के सीजन के बाद करना चाहिए था। शादी की तैयारियों के साथ व्यापारियों को भी इससे सहूलियत मिलती। बड़े आयोजनों में लोग बड़े नोट का सहारा ही लेते हैं। सरकार के इस फैसले के बाद अब मैरेज हाउस और अन्य बुकिंग करने वालों को दिक्कतें बढ़ने वाली हैं।
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कारोबार पर असर पड़ेगा
शिव मोटर्स के निदेशक विशाल जायसवाल ने कहा कि गाड़ियों की बुकिंग के लिए लोग दो हजार रुपये का ही नोट ज्यादा लेकर आते हैं। अब दो हजार का नोट चलन से बाहर हो जाएगा तो दिक्कत आएगी ही। अब हमें भी सोचना पड़ेगा कि दो हजार के नोट लें कि नहीं। क्योंकि, इसे बैंक में जमा करना और फिर बदलना, दोनों में बड़ी परेशानी होगी। कारोबार पर असर तो पड़ेगा ही।
बैंक का चक्कर लगाना पड़ेगा
इलेक्ट्रो वर्ल्ड राहुल सिंह ने कहा कि शादी विवाह का समय चल रहा है। लोग तोहफे में टीवी और एसी बहुत देते हैं। आने वाले दिनों में ऐसा न हो कि लोग इन्हीं नोट के साथ खरीदारी करने चले आएं। यह समस्या आने वाली है। बैंक का चक्कर लगाना पड़ेगा।
ऐश्प्रा जेम्स एंड ज्वेल्स वैभव सराफ ने कहा कि प्रतिदिन अपने व्यापार की धनराशि को बैंक में जमा करने वालों को दिक्कत नहीं होगी। क्योंकि, जितने रुपये का भुगतान होगा, वह राशि बैंक में सीधे जमा हो जाएगा। नोट बदलने में ही दिक्कत आएगी। इसके लिए एक सीमा तय कर दी गई है।
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निदेशक परंपरा जेम्स एंड ज्वेल्स संजय अग्रवाल ने कहा कि नोटबंदी के इस नियम को बहुत ही सावधानी से समझने की जरूरत है। बैंक ने पहले ही दो हजार रुपये के नोट देने बंद कर दिए थे। हमें बैंक में जमा करने में दिक्कत नहीं होगी, लेकिन ग्राहक को अगर दो हजार के नोट देंगे तो निश्चित रूप से वह नहीं लेगा।
दो हजार के नोट को बदलने के लिए अभी तक आरबीआई से कोई गाइडलाइन नहीं मिली है। जैसे ही गाइडलाइन आएगी, उसके हिसाब से पालन किया जाएगा। एहतियात के तौर पर सभी ब्रांच पर तैयारी रहेगी। नोटबंदी के समय दिक्कतें नहीं आने दी गई तो इसमें बहुत कम संख्या में लोग आएंगे।
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एसके सोनकर, डीजीएम इंडियन बैंक
उप आंचलिक प्रबंधक बैंक ऑफ इंडिया अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि आरबीआई की अभी तक जो गाइडलाइन मिली है उसके मुताबिक हमारे ब्रांच पर एक दिन में दो हजार के दस नोट यानी अधिकतम 20 हजार रुपये ग्राहक बदल सकते हैं। बिजनेस काॅरेसपांडेंट के यहां एक व्यक्ति दो नोट बदल सकता है। सभी ब्रांच मैनेजर को निर्देश दे दिया गया है कि किसी भी ग्राहक को असुविधा न हो। हर काउंटर पर इसकी व्यवस्था की जाएगी।
रिटायर्ड एसबीआई मैनेजर असिस्टेंट एसकेएल श्रीवास्तव ने कहा कि दो हजार के नोट चलन में बंद होने से आम आदमी को ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि उससे पास होंगे ही नहीं। बड़े जमा पूंजी वाले कारोबारी जरूर परेशान होंगे। उन्हें अब दो हजार के नोट को खपाने में दिक्कतें आएंगी। जहां तक बाजार पर असर की बात है तो बहुत व्यापक पड़ेगा। कोई भी ग्राहक और दुकानदार दो हजार के नोट लेना नहीं चाहेगा।
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कहा कि वह भला बैंक जाकर काउंटर में लाइन में लगना क्यों चाहेगा। मुझे जो लगता है कि सरकार के दो हजार के नोट को चलन में बंद करने के फैसले से वे लोग ज्यादा परेशान होंगे, जिन्होंने ब्लैक मनी रखी है। जब नोट बंदी हुई थी तो बहुत सारे बैंकों पर भी गलत तरीके से नोट जमा कराने के आरोप लगे थे। इस बार सतर्कता ज्यादा रहेगी। कुल मिलाकर एक बड़ी मुश्किल खड़ी होने वाली है।