जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंट लाइन वर्करों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को बूस्टर डोज लगाने का समय नौ माह बाद निर्धारित किया गया है।
गोरखपुर जिले के मतदान कर्मियों को फ्रंट लाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल करते हुए शासन ने बूस्टर डोज के समय में भी बदलाव किया है। दूसरी डोज लगवाने के तीन माह बाद ही मतदान कर्मी बूस्टर डोज लगवा सकते हैं।
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इस बीच अगर कोई मतदान कर्मी दूसरी डोज लगवाने के बाद भी कोरोना संक्रमित हो गया तो उसे भी बूस्टर डोज तीन माह बाद ही लगेगी। इसका लाभ लगभग 22,500 मतदान कर्मियों को मिलेगा।
जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंट लाइन वर्करों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को बूस्टर डोज लगाने का समय नौ माह बाद निर्धारित किया गया है। सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि 10 जनवरी से सभी स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंट लाइन वर्करों व 60 वर्ष पूरे कर चुके लोगों को बूस्टर डोज लगाई जा रही है। लेकिन, इन सबके बीच शासन ने मतदान कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर बूस्टर डोज लगाने का निर्देश दिया है।
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बताया कि इसके लिए सभी बूथों पर वैक्सीनेटर और नोडल अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। उन्हें यह जानकारी दी गई है कि जिन कर्मियों की ड्यूटी मतदान में लगाई गई है, वे चाहे पुलिस कर्मी, बैंक या राजस्व कर्मी, किसी भी विभाग के हों, उन्हें दूसरी डोज लगवाने की तिथि के तीन माह पर ही बूस्टर डोज लगा दी जाए। उन्होंने सभी मतदान कर्मियों से अपील की है कि वे बूथों पर जाकर बूस्टर डोज लगवा लें। इससे संक्रमण का खतरा बेहद कम रहेगा।