गोरखपुर जिले में नौ माह से पांच वर्ष तक के छूटे हुए दो लाख से अधिक बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जाएगी। इसके लिए संचारी रोग अभियान के तहत बच्चों का ब्यौरा इकट्ठा किया जाएगा। इस बीच नियमित टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर टीका भी लगाया जाएगा।
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बच्चों को विटामिन ए की खुराक देने के साथ-साथ आयरन की सिरप भी दी जाएगी। क्षेत्र की आशा सप्ताह में दो बार एक-एक एमएल और माह में आठ बार इसको पिलाना सुनिश्चित करेंगी। यह सभी बच्चों के लिए महत्वपूर्ण है। अगर यह बच्चे विटामिन-ए की खुराक से छूट जाते हैं, तो कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
ऐसे में नौ माह से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को विटामिन ए की खुराक देनी है। इसके तहत साढ़े पांच लाख बच्चों को विटामिन-ए की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें तीन लाख से अधिक बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जा चुकी है। करीब दो लाख बच्चे ऐसे हैं, जो किन्हीं कारणों से छूट गए हैं। अब उन्हें नए सिरे से विटामिन-ए की खुराक दी जाएगी।
ऐसे देंगे विटामिन-ए
बच्चों को विटामिन ए की नौ खुराकें देने का प्रावधान है, जिसमें नौ से 12 माह तक के बच्चों को एमआर के प्रथम टीके के साथ आधा चम्मच यानि एक एमएल, 16 से 24 माह तक के बच्चे को एमआर के दूसरे टीके के साथ पूरा चम्मच यानि दो एमएल, जबकि दो से पांच वर्ष तक के बच्चे को छह-छह माह के अंतराल पर पूरा चम्मच यानि दो एमएल विटामिन ए का सिरप दिया जाना है। विटामिन ए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उनका कोरोना से भी बचाव करता है।