समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी विजय बहादुर यादव के खिलाफ उनके बेटे विशाल ने भी नामांकन कर रखा है। नामांकन पत्र खारिज होने की आशंका में चुनावी मैदान में बने रहने का एक विकल्प मात्र है।
गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी विजय बहादुर यादव के खिलाफ उनके बेटे विशाल ने भी नामांकन कर रखा है। हालांकि, यह कोई खिलाफत नहीं बल्कि नामांकन पत्र खारिज होने की आशंका में चुनावी मैदान में बने रहने का एक विकल्प मात्र है। विजय बहादुर ने मंगलवार को दो सेट में नामांकन किया था।
विज्ञापन
जबकि, उनसे दो दिन पहले शनिवार को ही उनके बेटे विशाल यादव ने भी निर्दल के तौर पर एक सेट में नामांकन दाखिल किया था। पूरी उम्मीद है कि पर्चों की जांच के समय विजय बहादुर का नामांकन पत्र सही मिलने पर विशाल अपना पर्चा वापस ले लेंगे।
जिला पंचायत चुनाव में भी खारिज हो चुका है भाई का पर्चा नामांकन पत्र को लेकर विजय बहादुर का अनुभव अच्छा नही है। सपा शासन में वर्ष 2016 के जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में विजय बहादुर ने अपने भाई अजय यादव को मैदान में उतारा था। लेकिन, उनका पर्चा खारिज हो गया था। वह शासन-प्रशासन के खिलाफ धरने पर भी बेठे थे। इस चुनाव में सपा की अधिकृत प्रत्याशी गीतांजली जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई थीं।