भीष्म शंकर, गणेश शंकर और विनय शंकर।
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बसपा ने विधायक विनय शंकर तिवारी और उनके परिवार के लोगों पर निष्कासन की जो कार्रवाई की है वह अपेक्षित ही है। माना जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से हाता परिवार की गतिविधियां बसपा विरोधी हो गई थीं। बताया जा रहा है कि विनय शंकर, भीष्म शंकर और गणेश शंकर पांडेय 12 दिसंबर को अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ले सकते हैं।
दरअसल, पिछले कई दिनों से हाता परिवार के सपा में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। दो दिन पहले ही विधायक विनय शंकर तिवारी, पूर्व सांसद भीष्म शंकर तिवारी और पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय की मुलाकात सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से हुई थी।
माना जा रहा है कि इन नेताओं के अलावा भाजपा के वर्तमान विधायक भी मिले हैं। उन्हें भी अखिलेश यादव ने टिकट देने का आश्वासन दिया है। इस संबंध में विधायक विनय शंकर तिवारी से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। जब भी उनका पक्ष आएगा प्रकाशित किया जाएगा।
13 साल पहले से हाथी की सवारी की थी हरिशंकर तिवारी के परिवार ने
प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी के परिवार ने करीब 13 साल पहले हाथी की सवारी शुरू की थी। बलिया से पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर के खिलाफ पंडित हरिशंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर ने 2008 में बसपा से ताल ठोकी थी। हालांकि चुनाव में विनय को पराजय का मुंह देखना पड़ा।