गोरखपुर जिले में राशन नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को डेढ़ बजे भटहट-बांसस्थान मार्ग जाम कर दिया। करीब आधे घंटे बाद पुलिस ने समझाकर उन्हें हटाया, जिसके बाद आवागमन शुरू हो सका।
जंगल माघी गांव के कार्डधारकों के मुताबिक, दो महीने से स्थानीय कोटेदार राशन नहीं दे रहा है। आरोप है कि कई लोगों का तो उसने अंगूठा निशान लगवा लिया, लेकिन राशन नहीं दिया। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत विकास खंड से लेकर उच्चाधिकारियों तक से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इससे नाराज ग्रामीणों ने रास्ता जाम कर दिया। सीओ चौरीचौरा अखिलानंद उपाध्याय व गुलरिहा थानेदार अमित कुमार दुबे ने उच्चाधिकारियों से बात कर ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर जाम समाप्त हुआ। थानेदार ने कहा कि राशन न मिलने के विरोध में ग्रामीणों ने जाम लगाया था।
इस संबंध में सप्लाई इंस्पेक्टर राकेश यादव का कहना है कि 54 प्रतिशत लाभार्थियों का अंगूठा लगा है। 44 प्रतिशत का नहीं है। कोटेदारों को समय से राशन नहीं मिल पाया, जिसके कारण वितरण में देरी हो गई। कोटेदार रामनेवास का कहना है कि, सर्वर डाउन होने के कारण लाभार्थियों का अंगूठा निशान नहीं लग पाया था, जिसके कारण कुछ लाभार्थियों को राशन नहीं मिल सका था।
सड़क जाम करने वालों में हेमंत दीनानाथ, शंकर, मीना देवी, सोमारी, राजमती, संपत, मैनुद्दीन, रिजवान, त्रिभुवन, रामरक्षा, इंद्रजीत, शंभू, कौशिल्या आदि शामिल रहे।