उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां प्रमुख सचिव बनकर एक शख्स ने करीब 20 ग्राम प्रधानों से रुपये मांगे। गनीतम कहिए कि उन्होंने रुपये देने से पहले डीएम और सीडीओ से बात कर ली।
ये है पूरा मामला
विकास विभाग के अधिकारियों की नादानी के चलते भागलपुर विकास खंड के 20 से अधिक ग्राम प्रधान धोखाधड़ी का शिकार होने से बच गए। डीआरडीए के पीडी और खंड विकास अधिकारी पर विश्वास कर ग्राम प्रधानों ने जब फोन किया तो उसने अपने को प्रमुख सचिव वन बताते हुए पैसे मांगे।
कहा कि एक गरीब लड़की की शादी करानी है। आप लोग राजेश राम के खाते में पैसा डाल दें। उसने गांव के लिए चार आवास देने का प्रलोभन दिया। उधर, डीएम अमित किशोर का कहना है कि मामले में जांच बैठा दी गई है। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को दोपहर में परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास विभाग के पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि कमिश्नर गोरखपुर के यहां से बोल रहा हूं। बीडीओ भागलपुर से कहिए कि लखनऊ से सचिव आएं हैं, उनसे बात करें। पीडी ने बिना किसी जांच पड़ताल के खंड विकास अधिकारी भागलपुर मीना सिंह को फोन कर दिया।