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पुलिस वर्दी में दरोगा दिखाते थे धौंस, एसएसपी ने किया सस्पेंड

Tue, 20 Oct 2020 10:47 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • किराएदार पिता-पुत्र को छेड़खानी में भेजा जेल, दूसरे किराएदार के कर्मचारी की पिटाई कर गलत बयान देने का बनाया दबाव
  • सीसी टीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई घटना, एसएसपी ने चौकी इंचार्ज अमित चतुर्वेदी को सस्पेंड कर एसपी क्राइम को सौंपी जांच

 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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गोरखपुर एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बेतियाहाता चौकी इंचार्ज अमित चतुर्वेदी को सस्पेंड कर दिया है। अमित पर बेतियाहाता स्थित एक मकान के मालिक और किराएदार के विवाद में मकान मालिक के पक्ष में एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप है। मामले की जांच एसपी क्राइम को सौंपी गई है।

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जानकारी के मुताबिक, बेतियाहाता दक्षिणी में हरदयाल सिंह होरा का मकान है। इसमें महेंद्र कुमार श्रीवास्तव किराएदार हैं, जिनका हरदयाल सिंह से विवाद चल रहा है। इसी मकान के निचले तल पर जीके फूड्स एंड ब्रिवरेजेज नामक कंपनी का दफ्तर है। महेंद्र और मकान मालिक में 15 अक्तूबर को मारपीट हो गई थी, जिसमें पुलिस ने घर में घुसकर मारपीट करने, छेड़खानी और जान से मारने की धमकी देने का केस महेंद्र श्रीवास्तव और उनके बेटे पर दर्ज कर लिया।

इस केस में पिता-पुत्र की गिरफ्तारी कर पुलिस ने जेल भेज दिया, जबकि 164 के तहत बयान नहीं हुआ था। इसी मामले में 17 अक्तूबर को चौकी इंचार्ज अमित चतुर्वेदी अपने दो सिपाहियों के साथ दूसरे व्यापारी किराएदार के दफ्तर में पहुंचे और कर्मचारी प्रदीप व एक बुजुर्ग कर्मचारी पर छेड़खानी होने का बयान देने का दबाव बनाने लगे।
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गालियों की बौछार, फुटेज डिलीट करने की कोशिश

दोनों ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही तो चौकी इंचार्ज ने उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद दोनों को थाने भी ले जाया गया और बाद में छोड़ दिया गया। यह मामला एसएसपी के पास पहुंचा तो उन्होंने चौकी इंचार्ज को सस्पेंड करते हुए जांच का आदेश दे दिया है।

सीसी टीवी कैमरे में दर्ज घटना में साफ दिख रहा है कि बुजुर्ग कर्मचारी और युवक को चौकी इंचार्ज व सिपाही बेरहमी से पीट रहे हैं। जब उन्हें पता चला कि वहां सीसी टीवी कैमरा लगा है तो उसे बंद करने की कोशिश भी की। एक एक्सपर्ट को बुलाकर फुटेज भी डिलीट करने की कोशिश की गई। लेकिन इससे पहले ही फुटेज को निकाल लिया गया था, ताकि अफसरों तक पहुंचाया जा सके।

एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने कहा कि किराएदारी के विवाद में पुलिस की कोई भूमिका नहीं होती है। अगर मारपीट हुई और छेड़खानी का केस दर्ज हुआ तो इसकी जांच होनी चाहिए थी। चौकी इंचार्ज ने जाकर मारपीट की है जो सही नहीं है। शिकायत के आधार पर चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर एसपी क्राइम को जांच सौंपी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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