गोरखपुर। मुंबई की प्रिया शेट्टी हत्याकांड में आरोपी विजय साहनी के बुजुर्ग पिता रामकेश साहनी बेटे के कारनामे से सदमे में हैं। वह कहते हैं-विजय ढाई साल बाद पिछले साल दीपावली में घर आया था। प्रिया से लिव इन रिलेशन और उसकी हत्या की जानकारी पुलिस ने उन्हें दी। वह प्रिया के 13 साल के बेटे रुद्र के बारे में नहीं जानते हैं। लोग बता रहे हैं कि डीएनए जांच होगी। लगातार पुलिस घर पर आ रही थी तो पत्नी रिश्तेदार के यहां चली गई। विजय के बड़े भाई संजय ने भी मुंबई से शहर आने से इन्कार कर दिया है।
उधर, आरोपी विजय के गांव माडर पाली (सहजनवां) के लोग भी इस घटना से अचंभित हैं। वे कहते हैं- विजय तो सीधा-साधा था और बहुत कम बातें करता था लेकिन इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे देगा, किसी ने सोचा नहीं था। इस बीच, विजय और उसकी पत्नी संध्या को बेल दिलाने के लिए विजय के पिता ने ससुराल पक्ष के साथ मिलकर अधिवक्ताओं से कानूनी राय लेनी शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र के मुंबई स्थित वडाला की रहने वाली प्रिया शेट्टी (35) का शव 30 जनवरी को पीपीगंज थाना क्षेत्र के बरघट्टा पुल के नीचे मिला। पुलिस के अनुसार, उसे निर्वस्त्र कर फेंका गया था और पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर ईंट से कई वार किए गए थे। जांच में पता चला कि प्रिया को उसके प्रेमी विजय साहनी (चारको कान्दीवली वेस्ट, मुंबई) ने बुलाया था। हत्या में विजय की पत्नी संध्या और ससुर रामबिलास (पीपीगंज, तिघरा टोला, सपाहिया निवासी) भी शामिल थे।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर तीनों को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। विजय मूलरूप से सहजनवां के माडर पाली का रहने वाला है। उसका बड़ा भाई संजय पत्नी और बच्चों के साथ मुंबई में रहता है। वह वहां पेंट-पॉलिश का काम करता है।
प्रिया का बेटा रुद्र आज शहर पहुंचेगा
प्रिया का 13 वर्षीय बेटा रुद्र अब अपने हक की लड़ाई में फंसा हुआ है। उसके शनिवार को शहर पहुंचने की संभावना है। प्रिया की सौतेली बहनें उसके हक की रक्षा के लिए डीएनए जांच कराने और अदालत में मुकदमा मजबूत करने की तैयारी कर रही हैं। शनिवार को पुलिस रुद्र का डीएनए सैंपल लेगी, जिसे फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
विजय को जेल से बाहर लाने की कोशिश
विजय के बुजुर्ग पिता और ससुराल पक्ष अब जेल से उसे बाहर लाने के लिए अधिवक्ताओं से कानूनी राय ले रहे हैं। उनका कहना है कि न्यायपालिका और वकीलों की मदद से मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। विजय के छोटे-छोटे बच्चे हैं। इसमें दो साल का बेटा भी शामिल है, जो वर्तमान में संजय के पास मुंबई में है। बच्चों का भविष्य खराब न हो, इसके लिए वह अपनी बहू और बेटे को जमानत पर बाहर लाने के लिए हरसंभव कोशिश करेंगे।
डीएनए जांच, सीसीटीवी फुटेज और फोन कॉल डेटा मुख्य सबूत हैं, जो आरोपी के खिलाफ सजा दिलाने के लिए पर्याप्त हैं। जल्द ही आरोपी को कोर्ट में पेश कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-अनुराग सिंह, सीओ कैंपियरगंज