शुक्रवार को शोभायात्रा के बाद जब गोरक्षपीठाधीश्वर शाम को मंदिर लौटेंगे तो वहां सहभोज का कार्यक्रम होगा। इस परंपरागत सहभोज में अमीर-गरीब और जाति-मजहब के भेद से परे बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोग शामिल होंगे।
दंडाधिकारी की भूमिका में होंगे योगी
गोरखनाथ मंदिर में विजयादशमी पर्व की शुरूआत शुक्रवार की सुबह 9 बजे श्रीनाथ जी(शिवावतारी गुरु गोरक्षनाथ) के विशिष्ठ पूजन से होगी। गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री मुख्य मंदिर में श्रीनाथ जी एवं सभी देवों पूजन करेंगे। सभी को भोग लगाएंगे। उसके बाद वह हमेशा की तरह सीएम योगी आदित्यनाथ गोशाला जाएंगे जहां गो सेवा कर गाय का पूजन करेंगे और उन्हें गुड़ व चना खिलाकर दुलार करेंगे। इसके बाद गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री पारण करेंगे।
हर साल गोरखनाथ मंदिर में विजयादशमी की रात पात्र पूजा का अनुष्ठान होता है। गोरक्षपीठाधीश्वर पात्र देवता के रूप में प्रतिष्ठित होते हैं। रात 9.30 बजे से शुरू होने वाले इस पूजन में पात्र देवता गोरक्षपीठाधीश्वर दंडाधिकारी की भूमिका में होते हैं। पूजन के बाद संतों-योगियों की अदालत लगती है जिसमें नाथपंथ की परम्परा के अनुसार हर वर्ष विजयादशमी की रात गोरखनाथ मंदिर में पात्र देवता पीठाधीश्वर संतों के विवादों का निस्तारण करते हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ नाथपंथ की शीर्ष संस्था अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा के अध्यक्ष भी हैं। इसी पद पर वह दंडाधिकारी की भूमिका में होते हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर संतो के आपसी विवाद सुलझाते हैं।