मेडिकल कॉलेज के मेडिकल स्टोर में बिखरा सामान
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गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के उत्तरी गेट के सामने स्थित विशाल मेडिकल स्टोर में शुक्रवार सुबह गाड़ी खड़ी करने के विवाद में तोड़फोड़ की और नकदी, मोबाइल फोन लूट लिया। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के एक विभाग के सहायक प्रोफेसर एवं कुछ मेडिकल छात्रों ने स्टोर के सामने बाइक खड़ी करने के विवाद में घटना को अंजाम दिया है।
सूचना पर 112 नंबर की पुलिस घटनास्थल पहुंची, जिसका फोटो वीडियो बनाकर पीड़ित को थाने भेज दी। मेडिकल स्टोर संचालक ने चिलुआताल थाना पुलिस को सहायक प्रोफेसर समेत चार नामजद एवं 35 अज्ञात के खिलाफ लिखित तहरीर दी है।
जानकारी के मुताबिक, प्रशांत कुमार बीआरडी मेडिकल कॉलेज के उत्तरी गेट सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के सामने न्यू विशाल मेडिकल स्टोर चलाते हैं। शुक्रवार सुबह 11:00 बजे मेडिकल स्टोर के सामने दुकान का रास्ता रोकर किसी ने स्कूटी खड़ी कर दी थी।
दुकान के सामने बाइक खड़ी करने से मना करने पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एक सहआचार्य नाराज हो गए और गाली देते हुए धमकी देकर चले गए। करीब आधे घंटे बाद वह 30 से 35 मेडिकल छात्रों के साथ दुकान पर पहुंचे और गाली देते हुए दुकान में घुसकर कर्मचारियों को मारना पीटना शुरू कर दिए।
कर्मचारियों ने दुकान के पीछे के रास्ते से भागकर जान बचाई, इधर दुकान में किसी के न मिलने पर आरोपियों ने दुकान के दो फ्रिज, काउंटर, रैक तोड़कर दवा बिखेर दिए। आरोप है कि दुकान के काउंटर में रखा 22 हजार नकद व दुकानदार के भाई पीयूष का मोबाइल फोन लूट लिया गया।
जाते समय मेडिकल छात्रों ने धमकी दी कि अगर इसकी शिकायत किसी ने की तो जान से मार दिया जाएगा। इस दौरान आसपास दहशत का माहौल था।
मेडिकल कॉलेज के सामने दुकान में तोड़फोड़ के बाद बिखरा सामान।
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तोड़फोड़ के बाद विभाग गए और कर्मचारी को मारा थप्पड़
मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ के बाद अंदर गए सहायक प्रोफेसर पर एक और आरोप लग गया। आरोप है कि सहायक प्रोफेसर ने एक कनिष्ठ सहायक को थप्पड़ मार दिया। जिसके बाद मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने काम बंद कर प्रधानाचार्य कार्यालय के सामने हंगामा खड़ा कर दिया।
बताया जा रहा है कि कर्मचारियों ने डॉक्टर की पिटाई कर दी, बाद में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया। जानकारी के मुताबिक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एक विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत कर्मचारी की विभाग के सहआचार्य की बाइक चोरी की शिकायत को लेकर अनबन चल रही थी।
इसी खुन्नस में सह आचार्य ने शुक्रवार दोपहर कार्यालय में पहुंचकर कनिष्ठ लिपिक का नाम लेकर अनाप-शनाप बोलने लगा।
उस समय कनिष्ठ लिपिक नेहरू चिकित्सालय में किसी काम से गया था।
लौटने के बाद गार्ड ने बताया कि सह आचार्य आप को बुलाए हैं, जिस पर लिपिक आचार्य के चेंबर में पहुंचा तो उसके गाल पर एक तमाचा जड़ दिया गया। हंगामा होने पर प्रधानाचार्य ने कार्रवाई का आश्वासन देकर दोनों पक्षों को बुलाकर बात सुनी। बाद में दोनों पक्षों ने सुलह कर लिया। ब्यूरो