वेलेंटाइन डे, हर साल मनाया जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि वेलेंटाइन डे मनाने की परंपरा कहां से आई? क्या यह हमेशा प्यार और अच्छी भावनाओं के बारे में था? ऑरिया ऑफ जैकोबस डी वॉराजिन नामक पुस्तक में हमें संत वेलेंटाइन का जिक्र हमें मिलता है। इस किताब के अनुसार रोम में तीसरी शताब्दी में सम्राट क्लॉडियस का शासन था और उनका मानना था कि विवाह करने से पुरुषों की शक्ति और बुद्धि कम होती है। उन्होंने आदेश जारी किया कि उनका कोई भी सैनिक और अधिकारी विवाह नहीं करेगा।
संत वेलेंटाइन ने इस क्रूर आदेश का विरोध किया। उन्हीं के आह्वान पर अनेक सैनिकों और अधिकारियों ने विवाह किए। बिशप वेलेंटाइन ने भी क्लॉडियस की इच्छा के खिलाफ जाकर गुप्त शादी कर ली। इसके लिए, वेलेंटाइन को जेल भेज दिया गया, जेल में रहते हुए उन्होंने जेलर की नेत्रहीन बेटी 'जैकोबस' को नेत्रदान किया व जेकोबस को एक पत्र लिखा, जिसमें अंत में उन्होंने लिखा था 'तुम्हारा वेलेंटाइन'।
आखिर क्लॉडियस ने 14 फरवरी के दिन ही, संत वेलेंटाइन को फांसी पर चढ़वा दिया और तभी से उनकी याद में इस दिन को निःस्वार्थ प्रेम का संदेश फैलाने लिए मनाया जाता है।
14 फरवरी को मनाया जाने वाला यह दिन विभिन्न देशों में अलग-अलग तरह से और अलग-अलग विश्वास के साथ मनाया जाता है। जहां चीन में यह दिन 'नाइट्स ऑफ सेवेन्स' प्यार में डूबे दिलों के लिए खास होता है, वहीं जापान व कोरिया में इस पर्व को 'वाइट डे' के नाम से जाना जाता है। इतना ही नहीं, इन देशों में इस दिन से पूरे एक महीने तक लोग अपने प्यार का इजहार करते हैं और एक-दूसरे को तोहफे व फूल देकर अपनी भावनाओं का इजहार करते हैं। 19वीं सदी में अमेरिका ने इस दिन पर अधिकारिक तौर पर अवकाश घोषित कर दिया था।