अफसरों ने बताया कि सतहवा में दिनभर में 25 से 30 टैंकर बारी-बारी आते हैं। धंधेबाज एक टैंकर से 10 से 15 लीटर तेल बाल्टी या ड्रम में निकालते हैं। टैंकर वाले रुपये तत्काल नहीं लेते, वे हफ्ते या महीने में हिसाब करते है। टैंकर वाले एक लीटर का 40 से 50 रुपये लेते हैं।
दुकानदार ट्रकवालों या आम लोगों को 90 से 95 रुपये में बेचते हैं। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए लोगों के अलावा अन्य गिरोह भी इस धंधे में शामिल हैं। उनके नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी।
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आपूर्ति और बाट-माप विभाग ने शुरू की जांच
बैतालपुर डिपो के टैंकर से तेल चोरी के मामले में डिपो के सहायक प्रबंधक, आपूर्ति व बाट-माप विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। बुधवार को आपूर्ति विभाग से पूर्ति निरीक्षक चौरीचौरा इंद्रेश तिवारी ने बाट-माप और इंडियन ऑयल के अफसरों के साथ चौरीचौरा पहुंचकर जांच की। बैतालपुर से आए सहायक प्रबंधक ने तीनों टैंकरों की ओटीपी मंगाकर लॉक को खुलवाया। टैंकरों के तेल का तेलमापक यंत्र से माप कराया गया। पूर्ति निरीक्षक इंद्रेश तिवारी ने बताया कि जांच की प्रक्रिया लंबी है। जांच पूरी होने के बाद ही जानकारी हो पाएगी कि टैंकरों से कितनी मात्रा में तेल की चोरी हुई है।