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UP News: सांसदों के लेटर पैड पर दिलाता था ट्रेन का कंफर्म टिकट, ऐसे पकड़ा गया दलाल

Sat, 16 Jul 2022 09:34 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

सीपीआरओ एनईआर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे का सतर्कता विभाग व आरपीएफ अभियान चलाकर ट्रेन का फर्जी टिकट बनाने वाले दलालों को पकड़ता है। जो पकड़े जाते हैं, उन सबके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सांसदों के लेटर पैड का इस्तेमाल करके रेलवे के कामर्शियल विभाग से वीआईपी कोटे के तहत ट्रेन के वेटिंग टिकट को कंफर्म कराने वाला गिरोह सक्रिय है। आरपीएफ सीआईबी और सतर्कता विभाग की संयुक्त टीम ने एक सप्ताह पहले एक ऐसे ही टिकट दलाल को गोरखपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है।

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आरोप है कि दलाल 500 से 700 रुपये में सांसदों का कोटा बेच रहा था। दलाल के पास से गोरखपुर व बस्ती मंडल के तीन सांसदों के लेटर पैड के साथ ही 8880 रुपये बरामद हुए हैं। टीम ने दलाल के खिलाफ आरपीएफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया। आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अब सांसदों के लेटर पैड का सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।

आरपीएफ की सीआईबी टीम को सूचना मिली थी कि बिछिया का रहने वाला सत्येंद्र पाल, सांसदों के लेटर पैड पर ट्रेन के वेटिंग टिकट को कंफर्म कराता है। शिकायत के आधार पर सतर्कता दल निरीक्षक यातायात के साथ आरपीएफ की टीम पिछले सप्ताह रेलवे स्टेशन पर जांच-पड़ताल करने में जुट गई। सत्येंद्र पाल नाम का दलाल स्टेशन पर एक व्यक्ति को बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का वीआईपी कोटे से कंफर्म टिकट देने पहुंचा। वह यात्री को ट्रेन का टिकट दे ही रहा था कि टीम ने उसे दबोच लिया।  
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गिरफ्तार करने वाली टीम की पूछताछ में सत्येंद्र ने बताया कि वह 500 से 700 रुपये अधिक लेकर टिकट कंफर्म कराता है। बताया कि सांसदों के लेटर पैड का प्रयोग कर सीसीएम कार्यालय से टिकट कंफर्म कराता है। उसके लोगों का संपर्क सांसदों के कुछ प्रतिनिधियों से है। 200 से 300 रुपये प्रतिनिधियों को देकर लेटर पैड पर हस्ताक्षर करा लेते थे और सीसीएम कार्यालय में जमा कर देते थे।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान पहले सत्येंद्र पाल ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने खुद को पत्रकार बताया और नाम भी कुछ और बताया, लेकिन जांच के दौरान उसके दोनों दावे झूठे निकले।

मोबाइल की गैलरी में मिले 35 हस्ताक्षर किए लेटर पैड

टीम ने जब दलाल सत्येंद्र के मोबाइल की जांच की तो उसकी गैलरी में तीन सांसदों के 35 लेटर पैड मिले। सभी पर सांसदों के हस्ताक्षर थे। लेटर पैड का प्रिंट आउट निकालकर हस्ताक्षर जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच के बाद पता चलेगा कि सांसदों के हस्ताक्षर असली हैं या नकली। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।

सीपीआरओ एनईआर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे का सतर्कता विभाग व आरपीएफ अभियान चलाकर ट्रेन का फर्जी टिकट बनाने वाले दलालों को पकड़ता है। जो पकड़े जाते हैं, उन सबके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है। सतर्कता विभाग की टीम ने एक दलाल को रंगे हाथ टिकट के साथ पकड़ा है। कानूनी कार्रवाई की गई है। टिकट हमेशा रेलवे काउंटर, आईआरसीटीसी की वेबसाइट या रेलवे के अधिकृत एजेंट से ही लेना चाहिए।

 
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