अगर आप गाड़ी (चारपहिया) में हैं और एसी चला रहे तो मुंह बांधना शरीर के लिए कारगर नहीं होगा। साथ ही घर में अकेले हैं या ऐसी जगह जहां आपके संपर्क में कोई बाहरी नहीं आया हो ऐसे में भी मास्क बांधने से पहरेज करना चाहिए। दरअसल, शरीर में ऑक्सीजन भी पर्याप्त मात्रा में जरूरी होता है।
ऐसे करने से आप इस जरूरत को पूरा कर सकते हैं। इसलिए चेहरे पर मास्क बांधते वक्त कई सावधावियां बरतनी जरूरी हैं। अगर सावधानियां नहीं बरतीं को कोरोना के अलावा अन्य बीमारियां भी परेशान कर सकती हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने भी लोगों को सलाह दी। उन्होंने कहा कि मास्क बांधना बेहद जरूरी है लेकिन अगर इससे सांस लेने में उलझन या भारीपन लगा रहा हो तो फौरन कुछ देर के लिए इसे मुंह पर से हटा लें। ध्यान रखें इस दौरान कोई बाहरी या अंजान शख्स आपके संपर्क में न हो।
कोरोना संकट फिलहाल जल्दी खत्म होते नहीं दिख रहा है। ऐसे में लोगों को खुद कोरोना फ्रेंडली होकर जीने की जरूरत है। ऐसे में मुंह पर मास्क, सैनिटाइजर ग्लब्स पहनना बेहद अनिवार्य है। लेकिन इसमें भी जानकारी का आभाव परेशानी का कारण बन सकता है।
मास्क कब, कहां और कितनी देर पहनना हैं लोगों को इसे समझना बहुत जरूरी है। कार्बन डाई ऑक्साइड टॉक्सिटी के लक्षण देता है। इससे सुनने की शक्ति, हर्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ाने के साथ मस्तिष्क पर भी इसका असर पड़ता है।
सैनिटाइजर का अधिक प्रयोग भी हो सकता है हानिकारक
सैनिटाइजर का प्रयोग करना बेहद अनिवार्य है। लेकिन इसे संभाल कर प्रयोग करें। डॉ गणेश कुमार ने बताया कि एल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर का ही प्रयोग करना अच्छा होता है। लेकिन लगातार प्रयोग से त्वचा में इंफेक्शन का खतरा बन जाता। इसके अलावा हाथ में बार-बार लगाने के दौरान हाथ चेहरे पर चला जाता। इससे आंखों पर असर पड़ता है।