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Gorakhpur News: राजघाट में निर्माण की गुणवत्ता पर हंगामा, सिंचाई विभाग के कार्यों पर निंदा प्रस्ताव लाने की मांग

Thu, 10 Sep 2026 01:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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- नगर निगम बोर्ड की 22वीं बैठक रही हंगामेदार, विजय चौक के पास नाले पर बने दोनों मकान टूटेंगे
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- सेल्फी प्वाइंट से लेकर पानी और राप्ती तट के काम पर भिड़े पार्षद
- राप्ती तट के कार्य पर सिंचाई विभाग को पत्र लिखने की मांग
- 31.50 करोड़ के पार्षद वरीयता कार्यों को मंजूरी, हर पार्षद को मिलेंगे 35 लाख रुपये
- उपसभापति पूनम सिंह ने राप्तीनगर वार्ड 80 की समस्याओं को उठाया



गोरखपुर। नगर निगम बोर्ड की 22वीं बैठक मंगलवार को हंगामेदार रही। सुबह 11:45 बजे सदन हॉल में बैठक मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव के आदेश पर शुरू होते ही विभिन्न प्रस्तावों को लेकर हंगामा शुरू हो गया। इसकी चर्चा पहले पार्षदों से नहीं की गई थी। बैठक में इसे लेकर पार्षदों के बीच बहस भी शुरू हो गई। बैठक में सबसे अहम फैसला विजय चौक के दिलेजाकपुर में नाले पर बने दो मंजिला दो मकानों और दुकानों को हटाने का रहा। वहीं, राजघाट राप्ती तट पर हुए निर्माण की गुणवत्ता और जर्जर पिलरों को लेकर भी पार्षदों में तीखी नोकझोंक हुई। पार्षदों ने सिंचाई विभाग के कार्यों पर निंदा प्रस्ताव लाने व पत्र लिखने की मांग की।

विभिन्न वार्डों में कार्यों के प्रस्ताव को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाए। पिंटू गोंड, अजय ओझा और विश्वजीत त्रिपाठी ने आपत्ति जताई कि प्रस्ताव के बारे में सभी पार्षदों को जानकारी क्यों नहीं दी गई। पार्षद राजेंद्र तिवारी ने कहा कि नगर निगम निधि के अलावा उनके वार्ड में कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है। इस पर मुख्य अभियंता ने बताया कि आईजीआरएस पर आई शिकायत के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया गया है। ऋषि मोहन ने प्रस्ताव पर सुझाव देने का प्रयास किया, लेकिन हंगामा बढ़ गया। इसके बाद पार्षद रणंजय सिंह जुगनू और पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
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विजय चौक के दिलेजाकपुर में निजी अस्पताल के पास नाले की जमीन पर बने दो मंजिला भवन और दुकानों को हटाने के प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दे दी। नगर निगम के परीक्षण और उपनिबंधक की आख्या में सामने आया कि आराजी संख्या 335, 336, 337, 356, 357 और 358 की नाले की जमीन वर्ष 1967 में किराये पर दी गई थी। अनुबंध में नाले के ऊपर निर्माण के लिए स्पष्ट शर्तें थीं, लेकिन बाद में दो मंजिला भवन और दुकानें बना दी गईं। इनका व्यावसायिक इस्तेमाल भी हो रहा है। नगर निगम के मुताबिक वर्ष 2009 के बाद किराया भी जमा नहीं किया गया। अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि विजय चौक नाले की सफाई के दौरान उसके ऊपर दो मकान बने मिले। वर्ष 1967 में नाले की जमीन किराये पर दिए जाने की बात सामने आई है, लेकिन इसे गलत बताया गया है। अब मकानों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, उपसभापति पूनम सिंह ने राप्तीनगर वार्ड 80 की समस्याओं को उठाया। राप्ती तट पर हुए निर्माण को लेकर पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने सवाल उठाए। उन्होंने नगर निगम की ओर से सिंचाई विभाग को पत्र लिखकर जर्जर पिलरों को ठीक कराने की मांग की। इस पर पार्षद विजेंद्र अग्रहरि ने विरोध जताया, जिसके बाद दोनों आमने-सामने आ गए और सदन में हंगामा शुरू हो गया। पार्षद ऋषि मोहन ने सिंचाई विभाग के कार्यों को लेकर निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की। बैठक में हंगामे के बीच पार्षद वरीयता के कार्यों के लिए 31.50 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई। प्रत्येक पार्षद को 35-35 लाख रुपये के कार्य कराने की सहमति बनी। वहीं पार्षद जियाउल इस्लाम की ओर से छुट्टा पशु पकड़ने व इस पर किए गए जुर्माने के बारे में पूछा गया, जिस पर पशु कल्याण अधिकारी रॉबिन चंद्रा जवाब नहीं दे सके। इस पर सदन से बाहर जाओ का नारा लगने लगा। वहीं पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने कहा कि आउट सोर्सिंग कर्मचारियों का बढ़ा हुआ वेतन कब आएगा। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि शासन का आदेश आने पर ही कुछ किया जा सकता है।

इस अवसर पर मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त अजय जैन, अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार व अतुल कुमार के साथ मुख्य अभियंता अमित शर्मा, लेखाधिकारी नागेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

राजघाट अंत्येष्टि स्थल की एसओपी को मंजूरी
राजघाट अंत्येष्टि स्थल के संचालन को लेकर नगर निगम बोर्ड ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी मंजूरी दे दी। इसके तहत शवदाह की व्यवस्था, सफाई, शुल्क और अभिलेखों के रखरखाव की जिम्मेदारी तय हो गई है। एसओपी में लावारिस और बेसहारा शवों के निशुल्क अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई है। ऐसे शवों के लिए लकड़ी अथवा गैस आधारित शवदाह की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। लावारिस शवों की जानकारी पुलिस को भी उपलब्ध कराई जाएगी। अंत्येष्टि स्थल सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक संचालित होगा। सफाई और कचरा निस्तारण नगर निगम कराएगा। कर्मचारियों को मास्क, दस्ताने समेत आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है। पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। एसओपी के तहत लकड़ी आधारित शवदाह पर 1800 रुपये और गैस आधारित शवदाह पर 1000 रुपये प्रति शव संचालन संस्था को नगर निगम की ओर से भुगतान किया जाएगा। हालांकि शुल्क को लेकर सदन में पार्षदों ने सवाल उठाए। पार्षद पवन सिंह ने अंत्येष्टि स्थल की रसीद 200 रुपये के बजाय 100 रुपये करने की मांग की। विश्वजीत त्रिपाठी ने इसका समर्थन किया, जबकि विक्की मिश्रा ने शुल्क 50 रुपये करने की मांग रखी। शिवेंद्र मिश्र ने अंत्येष्टि स्थल पर शौचालय नहीं होने का मुद्दा उठाया।

आदर्श वार्ड के सेल्फी प्वाइंट पर भी सवाल
आदर्श वार्ड में सेल्फी प्वाइंट बनाने के प्रस्ताव को लेकर विश्वजीत त्रिपाठी ने विरोध जताया। उन्होंने सवाल किया कि सेल्फी प्वाइंट केवल आदर्श वार्ड में ही क्यों बनाया जाए, इसकी व्यवस्था सभी 80 वार्डों में होनी चाहिए। पार्षद धर्मदेव चौहान ने भी आपत्ति जताई। नगर आयुक्त अजय जैन ने बताया कि प्रस्ताव आदर्श वार्ड के लिए तैयार किया गया है और 10 लाख रुपये तक की सीमा में कम बजट में इसे तैयार करने की योजना है।

पार्षद वरीयता के कार्य जल्द कराने की मांग
सिविल लाइंस के पार्षद अजय राय ने कहा कि चुनाव नजदीक हैं, इसलिए पार्षद वरीयता के कार्यों को जल्द स्वीकृत किया जाए और टेंडर निकालकर काम शुरू कराया जाए। उन्होंने ओटीएस योजना को लेकर लोगों को जागरूक करने की भी अपील की। नगर आयुक्त ने कहा कि टैक्स से जुड़ी शिकायतों का समाधान 15 दिन के भीतर किया जाएगा। लोगों को मोबाइल या लैपटॉप लेकर शिविर में पहुंचने और अपनी आपत्ति का समाधान कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

30 अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड लगाने का प्रस्ताव
नगर निगम में प्रवर्तन दल के लिए 30 अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड लगाने का प्रस्ताव रखा गया। अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार ने बताया कि 64 गार्ड पहले से विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं। नगर आयुक्त ने रात में भी पेट्रोलिंग की व्यवस्था मजबूत करने की बात कही। अतिरिक्त गार्ड लगाने पर करीब साढ़े सात लाख रुपये का खर्च आने की जानकारी दी गई।

कल्याण मंडपम में अधिक वसूली का आरोप
पार्षद सौरभ विश्वकर्मा ने कल्याण मंडपम में निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 11 हजार रुपये शुल्क का नियम होने के बावजूद ढाई लाख रुपये की रसीद काटी जा रही है। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए जांच की मांग की। नगर आयुक्त ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।

पार्किंग के लिए ली जाएगी निजी जमीन
शहर में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए कई स्थानों को चिह्नित करने की बात कही गई। अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार ने बताया कि निजी जमीन के मालिक पार्किंग के लिए जमीन देना चाहते हैं तो पीपीपी मॉडल पर पार्किंग विकसित की जा सकती है। मल्टीलेवल पार्किंग के संचालन के नियम भी प्रस्तावित किए गए हैं।

त्योहार से पहले सड़क-नाली दुरुस्त कराने की मांग
उपसभापति पूनम सिंह ने दशहरा और दीपावली से पहले शहर की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने पर जोर दिया। उन्होंने निर्माणाधीन कार्य जल्द पूरा कराने, सड़कों की पैचिंग और मरम्मत कराने तथा नालियों की सफाई कराने की मांग की। कचरे का नियमित निस्तारण और मोहल्लों में सफाई व्यवस्था बेहतर रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने वार्ड 80 में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या का मुद्दा भी उठाया।

आवारा पशुओं के आंकड़े नहीं बता सके अधिकारी
पार्षद जियाउल इस्लाम ने आवारा पशुओं को लेकर सवाल किया कि शहर में कितने पशु घूम रहे हैं, कितने पकड़े गए और कितना जुर्माना लगाया गया। पशु कल्याण अधिकारी रॉबिन चंद्र स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस पर जियाउल इस्लाम ने नाराजगी जताई और सदन से बाहर जाने का नारा लगाया।

ठेले वालों के लिए डस्टबिन की मांग
पूर्व उपसभापति व पार्षद पवन कुमार त्रिपाठी ने कहा कि ठेले वाले कचरा नालियों में डाल रहे हैं, जिससे नालियां चोक हो रही हैं। उन्होंने ठेले वालों को डस्टबिन उपलब्ध कराने और कचरा नाली में नहीं डालने के लिए जागरूक करने की मांग की।
पादरी बाजार चौराहे का नाम बदलने का प्रस्ताव
पार्षद सरिता यादव ने पादरी बाजार चौराहे का नाम बदलकर राम प्रसाद बिस्मिल चौराहा किए जाने का प्रस्ताव रखा। वहीं ठंड में कंबल वितरण के प्रस्ताव पर नगर आयुक्त ने बताया कि इसके लिए 30 लाख रुपये का बजट निर्धारित है। इसी बजट से कंबल की खरीद कर जरूरतमंदों में वितरण किया जाएगा।

भाजपा-सपा पार्षद आमने-सामने
पिछली बैठक की कार्रवाई की पुष्टि नहीं होने को लेकर सपा पार्षद जियाउल इस्लाम ने हंगामा किया। देखते ही देखते भाजपा और सपा पार्षद आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के कई पार्षद मंच तक पहुंच गए और सदन में अपनी बात रखने को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। सपा पार्षदों ने कहा कि सदन केवल भाजपा पार्षदों के मुद्दों से नहीं चलेगा, उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए। सपा पार्षद जियाउल इस्लाम ने राप्ती तट के कार्यों में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाए जाने पर भाजपा पार्षदों को बधाई दी। बैठक में इस दौरान कई अन्य पार्षदों ने भी अपने-अपने वार्ड की समस्याएं और शहर से जुड़े मुद्दे उठाए।

त्योहारों में उपहार पर खर्च होंगे 30 लाख
आगामी दशहरा व दिवाली पर सभी कर्मचारियों को उपहार व मिठाई देने के लिए निगम सदन की बैठक में लगभग 30 लाख खर्च होने का प्रस्ताव पारित किया गया ।

नगर निगम निधि के अंतर्गत चार करोड़ से हाेंगे होंगे 16 कार्य
नगर निगम निधि के अंतर्गत विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली व इंटर लाकिंग, संपवेल लगाने, अलाव की लकड़ी खरीदने, राप्ती कांम्लेक्स में बाउंड्रवाल का कार्य शामिल है। इसके लिए करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इन कार्यां पर भी बनी सहमति

-सार्वजनिक क्षेत्रों में कूड़ेदान की स्थापना होगी।
-रुस्तमपुर ढाला पुलिस चौकी के बगल में शौचालय का निर्माण।
-शहर में कई जगहों पर पार्किंग बनेगी, लोगों से जमीन भी ली जाएगी।
-एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त कर्मियों की मृत्यु पर पारिवारिक पेंशन मिलेगा।
-शीतलहर में 30 लाख के कंबल खरीदे जाएंगे।
-टैक्स में छूट देने में आई आपत्तियों का 15 दिनों में निस्तारण होगा।

0 सुथनी में बनेगा जैव-चिकित्सीय कचरा निस्तारण केंद्र, 15 साल के लिए दी जाएगी जमीन
-10 टन प्रतिदिन क्षमता वाले केंद्र के संचालन से नगर निगम को मिलेगी रॉयल्टी



गोरखपुर। नगर निगम सीमा क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले सामान्य जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के सुरक्षित निस्तारण के लिए सुथनी इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट फैसिलिटी परिसर में कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट एंड डिस्पोजल फैसिलिटी स्थापित की जाएगी। इसके लिए नगर निगम की ओर से एम एस मेडिकेयर एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड का ई-निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चयन किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार केंद्र की क्षमता 10 टन प्रतिदिन होगी और इसका संचालन बीओओ (बनाओ, स्वामित्व रखो और संचालन करो) आधार पर किया जाएगा।
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सदन की बैठक में इस पर भी मंजूरी मिली परियोजना के लिए आवश्यक भूमि और मूलभूत सुविधाएं नगर निगम की ओर से उपलब्ध कराई जाएंगी। कंपनी को सफल निविदादाता के रूप में चयनित करने के बाद उसके साथ अनुबंध किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार कंपनी नगर निगम को प्रतिमाह 18 लाख रुपये की रॉयल्टी देगी। सुथनी स्थित इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट परिसर में एक एकड़ भूमि 15 वर्ष की अवधि के लिए लीज पर दिए जाने का प्रस्ताव है। शासनादेश के अनुसार भूमि का वार्षिक किराया पहले वर्ष एक रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित किया गया है। इसके लिए कन्सेशन एग्रीमेंट निष्पादित कराने का प्रस्ताव सदन के समक्ष रखा गया है।

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