उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पूर्वांचल की सबसे बड़ी महेवा मंडी को प्रदेश की सबसे बड़ी मंडी बनाने का सपना अधूरा नजर आ रहा है। मंडी शुल्क समाप्त होने के बाद यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। हालाकि मंडी समिति ने इसके विस्तार के लिए जमीन चिन्हित कर व्यापारियों से इसपर सहमति मांगी है लेकिन अब तक किसी व्यापारी ने इसपर सहमति नहीं दी है।
बता दें कि शासन के निर्देश के बाद मंडी समिति ने महेवा मंडी को प्रदेश की सबसे बड़ी मंडी बनाने के लिए जमीन तलाशने की कवायद शुरु कर दी थी। कई जगहों पर जमीन तलाशने के बाद मंडी समिति को बाघागाड़ा में इसके लिए उपयुक्त जमीन मिल गई। लेकिन इसके बाद लॉकडाउन लग गया और मंडी के विस्तार की प्रक्रिया रुक गई।
इसी बीच सरकार के निर्देश पर प्रदेश में मंडी शुल्क को समाप्त कर दिया गया। मंडी शुल्क समाप्त होने के बाद मंडी समिति की हालत और भी खस्ता हो गई। मंडी की आय में बड़ी गिरावट आने के बाद कर्मचारियों के वेतन तक के लाले पड़ गए।
मंडी समिति की मंडी के विस्तार की योजना भी ठंडे बस्ते में चली गई। इस बीच समिति ने फिर से मंडी के विस्तार की कवायद शुरू की और मंडी के व्यापारियों से अपना व्यापार बाघागाड़ा में स्थानांतरिक करने के लिए नोटरी पर सहमति मांगी। लेकिन अबतक किसी व्यापारी ने वहां अपना व्यापार ले जाने के लिए सहमति नहीं दी। ऐसे में प्रदेश की सबसे बड़ी मंडी का सपना अधूरा ही नजर आ रहा है।
मंडी सचिव सेवाराम वर्मा ने बताया कि बाघागाड़ा सहजनवां में मंडी के विस्तार के लिए जमीन चिन्हित कर व्यापारियों से अपना व्यापार वहां स्थानांतरित करने के लिए सहमति मांगी गई है लेकिन किसी भी व्यापारी ने सहमति नहीं दी है।