अभियंता कार्यालय पर धरना पर बैठे राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजिनियर संगठन के लोग।
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उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद संघ अपनी मांगों के हक में चार से 26 अक्तूबर तक विभिन्न माध्यमों से विरोध जताएगा। मांगें पूरी नहीं होने पर इसके बाद अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा। गुरुवार को 48 घंटे का कार्य बहिष्कार और क्रमिक अनशन समाप्त करने के बाद अभियंताओं ने आगे की रणनीति तैयार कर यह घोषणा की।
संघ के अध्यक्ष वीपी सिंह ने बताया कि चार व पांच अक्तूबर को ऊर्जा निगम के अभियंता काली पट्टी बांधकर विरोध दिवस मनाएंगे। छह, सात व आठ अक्तूबर को शाम चार बजे से एक घंटे का कार्य बहिष्कार किया जाएगा। 11 व 12 अक्तूबर को दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया जाएगा। 18 अक्तूबर से अभियंता शाम पांच से अगले दिन सुबह 10 बजे तक कोई कार्य नहीं करेंगे। साथ ही ऑफिस टाइम में सिर्फ उनके लिए निर्धारित कार्य ही करेंगे। 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू हो जाएगा जो मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। महासचिव प्रभात सिंह ने कहा कि सन 2000 के बाद नियुक्त सभी अभियंताओं के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने, निदेशक के पदों पर आयु सीमा 60 वर्ष करने समेत सभी मांगें नहीं नहीं मानी गईं तो अभियंता आंदोलन शुरू कर देंगे।
इससे पहले अवर अभियंता संघ की तरफ से 48 घंटे से चल रहा क्रमिक अनशन समाप्त किया गया। संघ के सचिव दीपक गुप्ता ने बताया कि हमारी मांगे स्वीकार नहीं की गईं तो संघ की तरफ से आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत 27 सितंबर से लखनऊ स्थित शक्ति भवन पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके तहत अवर अभियंता अनिश्चितकालीन क्रमिक उपवास पर चले जाएंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। क्षेत्रीय सचिव पुष्कर उपाध्याय ने बताया कि शीर्ष नेतृत्व से अगले आदेश आने तक संगठन के पदाधिकारी और सदस्य सभी नियमानुसार सिर्फ सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक काम करेंगे। इस दौरान जनता से जुड़े जनहित के कामों के लिए सीयूजी नंबरों को ऑन रखा जाएगा। हालांकि, विभागीय वीडियो कांफ्रेंसिंग के कार्यक्रमों से सभी अवर अभियंता दूर रहेंगे। इसके अलावा सभी विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर रहेंगे। अनशन के समापन मौके पर अध्यक्ष शशि कपूर, महेंद्र नाथ भारती, दुर्गा प्रसाद, अमित कुमार सिंह, संदीप कुमार राज समेत अन्य लोग मौजूद रहे।