जानकारी के मुताबिक, वार्ड नंबर-61 से जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशी कोदई साहनी को मतगणना में विजेता घोषित किया गया था। कोदई को 4464 वोट मिले थे। जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रमेश को 4186 वोट मिले थे। मतगणना के बाद जीत का प्रमाणपत्र देने के लिए बुधवार को प्रत्याशियों को जिला मुख्यालय बुलाया गया था।
इसी बीच रिटर्निंग आफिसर (आरओ) वीरेंद्र कुमार ने रमेश को विजेता बता दिया और जीत का प्रमाणपत्र भी थमा दिया। इसकी सूूचना मिलते ही कोदई व उनके समर्थक सड़क पर उतर आए। पहले ब्रह्मपुर ब्लॉक मुुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया, फिर जुलूस की शक्ल में नई बाजार चौराहा पहुंच गए। चौराहे पर जमकर उत्पात मचाया।
हाथों में लाठी, डंडा, ईंट व पत्थर लेकर आई भीड़ को जब पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो वे भिड़ गए। पुलिस पर पथराव कर दिया। इससे पुलिस बैकफुट पर आ गई। जान बचाने के लिए पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए। इस बीच भीड़ नई बाजार पुलिस चौकी में घुस गई। पहले पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। जब पुलिसकर्मी भाग गए तो पेट्रोल छिड़कर चौकी में आग लगा दी।
चौकी परिसर में खड़े पुलिस कर्मी व दूसरे वाहनों को आग के हवाले कर दिया। उत्पात की सूचना पर नियंत्रण के लिए पीएसी रवाना की गई। पीएसी ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने पीएसी की बस में आग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जिस वक्त बस में आग लगाई गई उस वक्त कुछ जवान बस में थे।
आग लगने के बाद कूदकर जान बचाई। अग्निकांड की सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां रवाना की गईं। इसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर गए। पुलिस ने मोर्चा संभाला और उत्पातियों को खदेड़ा। एहतियातन नई बाजार और आसपास के गांवों में पुलिस व पीएसी की तैनाती कर दी गई है।
घटना के तमाम वीडियो पुलिस को मिले हैं। इसमें लाठी, डंडे, ईंट व पत्थर से लैस उत्पाती दिख रहे हैं। अब पुलिस उत्पातियों को पहचानकर मुकदमा दर्ज करेगी। एसएसपी का कहना है कि इस मामले के दोषियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक चूक से बढ़ा बवाल
प्रशासनिक चूक से बढ़ा बवाल वार्ड नंबर-61 से जिला पंचायत सदस्य के नतीजे को लेकर विवाद की सूचना प्रशासन को पहले से थी। यह भी पता था कि ब्रह्मपुर ब्लॉक मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन चल रहा है। रिकाउंटिंग की मांग भी की जा रही थी लेकिन प्रशासन ने कोई कारगर कदम नहीं उठाया। नतीजा रहा कि हिंसा होने लगी। प्रदर्शनकारी उत्पात मचाने लगे। जब बवाल हो गया, तब नतीजों को देखा गया। इसके बाद कोदई साहनी को विजेता घोषित किया गया।
गोरखपुर एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने कहा कि उपलब्ध वीडियो व सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के जरिए आरोपितों की पहचान की जा रही है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। जो दोषी होंगे, उनके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। हालात पूरी तरह से नियंत्रित हैं। एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि जिला पंचायत वार्ड नंबर 61 को लेकर शिकायत मिली थी। इस पर पड़े मतों का बूथवार मिलान किया गया। फिर 61 में कोदई साहनी को विजयी घोषित किया गया है। परिणाम को लेकर ब्रह्मपुर के आरओ की गलती सामने आई है। आरओ सिंचाई विभाग के एक्सईएन वीरेंद्र कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। उनके खिलाफ चुनाव आयोग को भी कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।