यूपी पंचायत चुनाव 2021 में नाटकीय मोड़ आ गया है। पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची जारी होते ही उम्मीदवार अपना बैनर पोस्टर छपवाकर गांव-गांव घूमना शुरू कर चुके हैं। ऐसे में मौजूदा आरक्षण व्यवस्था पर हाईकोर्ट की रोक के बाद उन्हें तगड़ा झटका लगा है। वहीं उन उम्मीदवारों को इससे बड़ी राहत मिल गई है, जिन्हें मौजूदा आरक्षण सूची जारी होते ही निराशा हाथ लगी थी।
गौरतलब है कि यूपी में इस बार सरकार ने नई आरक्षण व्यवस्था लागू की थी। इस व्यवस्था से अनंतिम आरक्षण सूची जारी होने के बाद कई दावेदार मैदान से बाहर हो गए थे। उन्होंने सूची पर आपत्तियां की थीं। उनकी आपत्तियों का निस्तारण करते हुए जिला प्रशासन को अब फाइनल लिस्ट जारी करनी थी। ऐसे में हाईकोर्ट के इस आदेश ने पंचायत चुनाव को नए मोड़ पर खड़ा कर दिया है।