पंचायत चुनाव को लेकर गोरखपुर जिला प्रशासन सतर्क है। पुरानी रंजिश और भूमि विवाद के मामलों में सभी एसडीएम, तहसीलदार के अलावा सीओ और थानाध्यक्ष को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने कहा है कि कहीं भी शांति व्यवस्था नहीं प्रभावित होनी चाहिए।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने पंचायत चुनाव के मद्देनजर गांवों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गाइडलाइन जारी की है। तहसील एवं पुलिस के अफसरों को रोजाना 10 से 12 बजे तक कार्यालय में बैठ कर जन समस्याओं की सुनवाई करने का निर्देश है। भूमि विवाद से संबंधित मामलों में टीम बनाकर निस्तारण कराने का निर्देश दिया गया है।
एसडीएम, तहसीलदार को कहा गया है कि वे संबंधित थानाध्यक्ष, हल्का कांस्टेबल एवं लेखपाल से फीडबैक लेकर पुरानी रंजिश का समाधान कराएं। पुलिस एवं राजस्व विभाग टीम गठित कर भूमि विवादों के निस्तारण के लिए 15 दिन का विशेष अभियान चलाए। इसके बाद सभी लेखपालों से इस बात का प्रमाण पत्र लिया जाए कि उनके गांव में भूमि के विवाद नहीं रह गए हैं।
एसडीएम, तहसीलदार नियमित सुनते रहेंगे वायरलेस
कोई भी समस्या यदि गंभीर प्रकृति की है तो एसडीएम, सीओ और थानाध्यक्ष संयुक्त तौर पर मौके पर जाएंगे और निस्तारण कराएंगे। अवैध शराब व शराब की दुकानों की निरंतर जांच का भी डीएम ने निर्देश दिया है। स्थानीय बाजारों/सार्वजनिक स्थलों पर कुछ कर्मचारियों को लगाकर गोपनीय सूचनाएं एकत्रित कराने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम तहसील क्षेत्र के सभी फील्ड स्टाफ को निरंतर भ्रमण करने के निर्देश जारी करें और उनके मूमवेंट की जांच भी करें।
डीएम ने निर्देश दिया है कि सभी एसडीएम, तहसीलदार नियमित तौर पर वायरलेस सेट सुनते रहें तथा अपना मोबाइल कभी बंद न रखें। अवकाश के दिन भी आम जन की शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही की जाए। सभी अफसरों को नियमित रुप से न्यायालय में सुनवाई करने, वादों का निस्तारण जल्द करने, आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त संदर्भों का समय से निस्तारण कराने का भी निर्देश दिया है।
डीएम ने चेताया कि जिस थाना एवं तहसील में लंबित शिकायतों की संख्या अधिक रहेगी वहां जवाबदेही तय करते हुए संबंधित अफसर, कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी।