उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के खामपार थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत खामपार के बूथ संख्या 169 पर मतदान के दिन देर रात में दो मतपेटियों के गायब होने की झूठी सूचना पर ग्रामीण और पुलिस आपस में भिड़ गए। आक्रोशित भीड़ पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो नाराज ग्रामीणों ने उन पर पथराव कर दिया।
विवाद बढ़ता देख मौके पर प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारी पहुंच गए। उसके बावजूद भी ग्रामीण नहीं माने और पथराव करते रहे। इसमें एक एसआई सहित कई कांस्टेबल घायल हो गए। जबकि मतदान कर्मियों ने कमरे में छिपकर जान बचाई।
मौके पर अपर जिला अधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक की देखरेख में देर रात मतदान कर्मियों और मतपेटियों को स्ट्रांग रूम भेजा गया। घटना के बाद सुबह खटीक और लाला टोला में ग्रामीण घर छोड़कर फरार हो गए। जिससे गांव में सन्नाटा पसरा रहा।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत खामपार के बूथ संख्या 169 के दो मतदान केंद्रों 11 और 12 पर मतदान 6:00 बजे समाप्त हो गया। अभी और केंद्रों पर मतदान चल ही रहा था। तभी इन दो केंद्रों के महिला पीठासीन अधिकारी दो मतपेटियों को अपने निजी वाहन से लेकर जमा करने सेंट जेवियर हाई स्कूल चले गए।
मतदान समाप्त होने पर देर रात अफवाह फैल गई कि दो मतपेटियां गायब हो गई हैं। इस पर भारी संख्या में पुरुष व महिलाएं केंद्र के बाहर इकट्ठा होकर हंगामा करने लगे। पुलिस उन्हें लाठी भांजकर खदेड़ना चाही, जिस पर ग्रामीण ईंट पत्थर चलाने लगे।
पुलिस और मतदान कर्मियों ने कमरे में छिपकर अपनी जान बचाई। एसडीएम ध्रुव कुमार शुक्ला, सीओ पंचम लाल व भाटपाररानी व खामपार की पुलिस पहुंच गई और ग्रामीणों को खदेड़ने का प्रयास करने लगे। इससे ग्रामीण और उग्र हो गए और ईंट, पत्थर चलाने लगे।
पत्थरबाजी के दौरान एसआई आशुतोष कुमार, कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार व अभिषेक कुमार घायल हो गए। जिनका भाटपाररानी पीएचसी पर इलाज कराया गया । सूचना पाकर अपर जिला अधिकारी कुंअर पंकज व अपर पुलिस अधीक्षक राजेश सोनकर और कई थानों की फोर्स के साथ मतदान केंद्र पर पहुंचे और सुरक्षित मतदान कर्मियों एवं मत पेटियों को स्ट्रांग रूम पहुंचाया। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।