आरक्षित श्रेणी के दावेदारों जिनके पास यदि वैध आनलाइन जाति प्रमाण पत्र पहले से भी मौजूद है तो उसे मान्य किया जाएगा। यानी किसी के पास पहले से ही जाति प्रमाण पत्र मौजूद है तो उसे नया प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है।
दो साल या इससे अधिक सजा वाले चुनाव नहीं लड़ सकते
किसी व्यक्ति को दो साल या इससे अधिक की सजा हुई है तो वह चुनाव नहीं लड़ सकेगा। नामांकन पत्र दाखिल करते समय मुकदमों एवं सजा की घोषणा करनी होती है। यदि कोई इस तथ्य को छिपाता है और कोई इसकी शिकायत करता है तो पर्चा खारिज होना तय है। तथ्य छिपाने पर विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। नामांकन दाखिल करते समय दावेदार के ऊपर किसी प्रकार का बकाया नहीं होना चाहिए।
जिला पंचायत से नोड्यूज के लिए शुल्क 500 रुपये
जिला पंचायत से नोड्यूज प्राप्त करने के लिए ही 500 रुपये शुल्क निर्धारित है। जिलाधिकारी के अनुसार जिला पंचायत सदस्य पद के अलावा अन्य किसी पद पर कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य या क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए नो-ड्यूज जारी करने में किसी प्रकार की धनराशि की मांग की जाती है तो जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि जमानत धनराशि के लिए बैंक से ट्रेजरी चालान बनवाने में आ रही दिक्कत को देखते हुए सभी ब्लॉकों पर चालान पर्ची 385 भेज दी गई है। बैंक में यदि दिक्कत आ रही है तो ब्लॉक पर नकद धनराशि जमा कर इस पर्ची को प्राप्त किया जा सकता है। इस पर्ची को नामांकन दाखिल करते समय ट्रेजरी चालान की जगह प्रस्तुत कर सकते हैं।
गोरखपुर जिले में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य एवं ग्राम पंचायत सदस्य के पदों के लिए 13 हजार से अधिक पर्चों की बिक्री हो चुकी है। जिला प्रशासन की ओर से नामांकन की तिथि तक पर्चे बिक्री करने की व्यवस्था की गई है। दो अप्रैल को गुडफ्राइडे का अवकाश का होने के बावजूद कार्यालय खुले रहेंगे। उधर, जिला प्रशासन ने नामांकन दाखिल संबंधी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए तैयारी तेज कर दी है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर नामांकन पत्रों की बिक्री की रफ्तार बृहस्पतिवार को धीमी पड़ गई। अधिकतर दावेदारों ने पर्चे खरीद लिए हैं और अब वे नो-ड्यूज एवं चालान आदि के दस्तावेज तैयार करने में जुटे हैं। जिला मुख्यालय हो या ब्लॉक पर बने काउंटर, हर जगह इक्का-दुक्का लोग ही पर्चा खरीदने के लिए पहुंचे। इसके विपरीत नो-ड्यूज बनवाने के लिए दावेदारों की भीड़ लगी रही।
इधर तीन एवं चार अप्रैल को नामांकन दाखिल करने की तिथि नजदीक आने के साथ ही संबंधित कक्षों में तैयारी शुरू कर दी गई है। केंद्रों पर बैरिकेडिंग की जा रही है और सीसीटीवी कैमरों को परखा जा रहा है। जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रों का दौरा का नामांकन की तैयारियों का जायजा लिया।
जिला पंचायत सदस्य का नामांकन करने के लिए बृहस्पतिवार को 139 लोगों ने नामांकन पत्रों की खरीद की। अब तक 1265 लोग नामांकन करने के लिए फॉर्म खरीद चुके हैं। जिले में जिला पंचायत सदस्य के लिए 68 वार्ड हैं। पिछले चुनाव में इसकी संख्या 73 थी। बहुत से गांवों के नगर निगम व नगर निकाय में शामिल होने के कारण उनकी संख्या घटकर 68 रह गई है। यह सदस्य जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव करेंगे।
जिला पंचायत राज अधिकारी हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि सभी ब्लॉकों पर नामांकन की तैयारियां की जा रही हैं। समय से सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। सभी सहायक विकास अधिकारी पंचायत एवं ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया है कि हर मतदान स्थल पर शौचालय, पेयजल के स्रोत एवं प्रकाश की व्यवस्था करा दें। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।