फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी सरकार ने किया ये खास फैसला, अब गोरखपुर सहित प्रदेश के इन संस्थानों को किया निजी क्षेत्र के हवाले

Sun, 11 Oct 2020 10:22 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

गोरखपुर मंडल के तीन राजकीय आईटीआई और एक पॉलीटेक्निक संस्थान को निजी क्षेत्र के हवाले किया जाएगा। सरकार ने प्रदेश के निर्माणाधीन एवं असंचालित 51 राजकीय पॉलीटेक्निक और 40 राजकीय पॉलीटेक्निक का संचालन निजी क्षेत्र से कराए जाने का फैसला किया है।

विज्ञापन

 
प्रदेश सरकार का मानना है कि निजी क्षेत्र की सहभागिता से सरकार के व्यय भार में कमी आएगी। विद्यार्थियों को अत्याधुनिक मशीनों से प्रशिक्षण देकर कुशल बनाने में मदद मिलेगी। पहले चरण में शासन ने 16 आईटीआई को निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया है।

इसी प्रक्रिया में गोरखपुर का राजकीय आईटीआई भटहट और रामपति यादव राजकीय आईटीआई जंगल कौड़िया एवं कुशीनगर का राजकीय आईटीआई कसया शामिल है। इन संस्थानों में 12-12 ट्रेड के मुताबिक 720 सीटें मौजूद है।

विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, राजकीय पॉलीटेक्निक सहजनवां को भी निजी हाथों में सौंपने वाले संस्थानों की सूची में शामिल किया गया है। सभी संस्थानों में निर्माण कार्य चल रहा है। काम पूरा होने के बाद भवन को निजी संचालक को सौंप दिया जाएगा। भवन की मरम्मत और रखरखाव का पूरा दारोमदार निजी संचालकों पर होगा। प्रवेश के लिए राजकीय कोटे से 30 फीसदी सीटें निर्धारित की गई हैं।

आईटीआई के जेडी राजेश राम ने बताया कि शासन की ओर से पीपीपी मोड पर चलाने के लिए प्रदेश स्तर से 40 राजकीय आईटीआई का चयन किया गया है। इनमें गोरखपुर मंडल से आईटीआई भटहट, रामपति यादव आईटीआई जंगल कौड़िया और कुशीनगर से राजकीय आईटीआई कसया का नाम शामिल है।

पॉलीटेक्निक के जेडी सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि शासन की ओर से चुने गए 51 पॉलीटेक्निक संस्थानों में से गोरखपुर जिले से निर्माणाधीन सहजनवां पॉलीटेक्निक का संचालन निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। इससे विद्यार्थी अत्याधुनिक तकनीक से पढ़ाई कर सकेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें