वहीं, राजकीय पॉलीटेक्निक सहजनवां को भी निजी हाथों में सौंपने वाले संस्थानों की सूची में शामिल किया गया है। सभी संस्थानों में निर्माण कार्य चल रहा है। काम पूरा होने के बाद भवन को निजी संचालक को सौंप दिया जाएगा। भवन की मरम्मत और रखरखाव का पूरा दारोमदार निजी संचालकों पर होगा। प्रवेश के लिए राजकीय कोटे से 30 फीसदी सीटें निर्धारित की गई हैं।
आईटीआई के जेडी राजेश राम ने बताया कि शासन की ओर से पीपीपी मोड पर चलाने के लिए प्रदेश स्तर से 40 राजकीय आईटीआई का चयन किया गया है। इनमें गोरखपुर मंडल से आईटीआई भटहट, रामपति यादव आईटीआई जंगल कौड़िया और कुशीनगर से राजकीय आईटीआई कसया का नाम शामिल है।
पॉलीटेक्निक के जेडी सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि शासन की ओर से चुने गए 51 पॉलीटेक्निक संस्थानों में से गोरखपुर जिले से निर्माणाधीन सहजनवां पॉलीटेक्निक का संचालन निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। इससे विद्यार्थी अत्याधुनिक तकनीक से पढ़ाई कर सकेंगे।