Anuj Kannaujia encounter: गोरखपुर के व्यापारी अभिषेक अग्रवाल की हत्या में भी अनुज कन्नौजिया का नाम आया था। मुख्तार के शूटर दीपक के साथ गोरखपुर नेटवर्क से जुड़ा था। अनुज ने गोरखपुर में जेल में लंबे समय तक रहने के दौरान श्याम बाबू पासी को अपराध का मोहरा बनाया था।
एसटीएफ की गोरखपुर इकाई ने जिस अनुज कन्नौजिया को मुठभेड़ में मार गिराया है, उसका नाम गोरखपुर के व्यापारी अभिषेक अग्रवाल की हत्या में भी सुर्खियों में आया था। हालांकि वह इस मामले से साफ-साफ बच निकला था। इस मामले में उसके गुर्गे श्याम बाबू पासी को आरोपी बनाया गया था।
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सूत्रों के मुताबिक, अनुज मुख्तार के शूटर दीपक के जरिये गोरखपुर के नेटवर्क से जुड़ा था। दीपक से अनुज की मुलाकात गोरखपुर जेल में बंद रहने के दौरान हुई थी। दरअसल, शहर के गांधी गली के रहने वाले अभिषेक अग्रवाल की 18 जून 2013 को दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस मामले में उनके पिता ने अभिषेक के दो सगे रिश्तेदारों और दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। तब जांच में सामने आया कि हत्या करने वाले शूटर की जान-पहचान जेल में ही रहने के दौरान आजमगढ़ के श्यामबाबू पासी से हुई थी।
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श्याम बाबू ने ही अभिषेक की हत्या के लिए एक लाख रुपये की सुपारी दी थी। जमानत पर छूटने के बाद उसने नथमलपुर के एक आरोपी के साथ मिलकर अभिषेक की हत्या की थी। हत्या के बाद उसे एक लाख रुपये मिल गए थे। सूत्रों ने बताया कि हत्याकांड में श्यामबाबू पासी का नाम सामने आया, जबकि पूरी साजिश अनुज कन्नौजिया ने श्याम बाबू के माध्यम से जेल में ही रची थी।
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मऊ के पंकज के जरिये अनुज ने गोरखपुर नेटवर्क में बनाई पैठ
अनुज कन्नौजिया मथुरा में मुठभेड़ में ढेर हुए पंकज यादव के जरिये गोरखपुर के अपराधियों से जुड़ा था। पंकज यादव का गोरखपुर के अपराधियों से सीधा कनेक्शन था। अनुज गोरखपुर जेल में बंदी रह चुका था। पंकज, यूपी के मऊ जिले के ताहिरापुर, थाना रानीपुर का रहने वाला था। उसके खिलाफ हत्या-लूट-डकैती और रंगदारी समेत 40 से ज्यादा केस दर्ज थे।
छह महीने से गोरखपुर यूनिट झारखंड में ही थी
पिछले छह महीने से गोरखपुर यूनिट की टीम झारखंड में अनुज के सुराग में जुटी थी। मथुरा आगरा एक्सप्रेस-वे पर ढेर हुए दीपक की कुंडली खंगालने पर अनुज कन्नौजिया का नाम सामने आया। इस दौरान झारखंड में कई लोगों की हत्या हुई, जिनमें अनुज का नाम सामने आया। इसी आधार पर एसटीएफ की टीम ने झारखंड में पिछले छह महीने से घेराबंदी की थी।
गोरखपुर में रहने के दौरान व्यापारी की हत्या में अनुज कन्नौजिया का नाम सामने आया था। साक्ष्यों के अभाव की वजह से वह बच गया था। इसके अलावा गोरखपुर में रहने के दौरान उसने अपने नेटवर्क बना लिया था।-अमिताभ यश, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, एसटीएफ
गोरखपुर एसटीएफ से मुठभेड़ में ढाई लाख का इनामी मुख्तार का शूटर ढेर
एसटीएफ की गोरखपुर इकाई ने शनिवार को मुठभेड़ में माफिया मुख्तार अंसारी के शूटर अनुज कन्नौजिया को झारखंड के जमशेदपुर में मार गिराया। अनुज कनौजिया मऊ का रहने वाला था। उसके ऊपर ढाई लाख रुपये का इनाम था। एसटीएफ गोरखपुर इकाई के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह ने मुख्तार के शूटर के मौत की पुष्टि की है। इनामी बदमाश पर यूपी, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हैं।
मुख्तार अंसारी के शूटर और फरार अपराधी अनुज कन्नौजिया पर बृहस्पतिवार को ही पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ाई थी। पहले इनाम की राशि एक लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर दिया गया। मऊ के पुलिस अधीक्षक इलामारन जी ने बताया कि अनुज, माफिया मुख्तार अंसारी का शार्प शूटर था। जिले के अलग-अलग थानों में गंभीर धाराओं में लगभग 23 केस दर्ज हैं। तीन केस गाजीपुर जिले के दुल्लहपुर थाने में भी दर्ज हैं। इसके अलावा अन्य थानों में भी केस दर्ज हैं।