पूर्व सांसद कुशल तिवारी उर्फ भीष्म शंकर, गणेश शंकर और बसपा विधायक विनय शंकर।
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चिल्लूपार से विधायक व बसपा से निष्कासित विनय शंकर तिवारी और संतकबीरनगर की खलीलाबाद सीट से भाजपा विधायक जय चौबे रविवार को लखनऊ में सपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। सारी औपचारिकता पूरी हो गई है। यह भी भरोसा मिला है कि आगामी विधानसभा चुनाव में दोनों को वर्तमान सीटों से ही प्रत्याशी बनाया जाएगा। सदस्यता ग्रहण समारोह को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी है।
जानकारी के मुताबिक आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा ने भाजपा व बसपा को तगड़ा झटका दिया है। पार्टी के थिंक टैंक ने पहले चिल्लूपार से बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी को अपने पाले में लाने पर काम किया। इसकी भनक लगते ही बसपा ने विनय शंकर को पार्टी से बाहर कर दिया। इस बीच भाजपा से असंतुष्ट चल रहे खलीलाबाद से भाजपा विधायक जय चौबे को भी सपा में लाने की मुहिम पर काम हुआ, जो अब सफल हो गया है। यही नहीं, विधान परिषद के पूर्व अध्यक्ष गणेश शंकर पांडेय व संतकबीरनगर से बसपा के पूर्व सांसद कुशल तिवारी भी सपा का दामन थामेंगे। गणेश शंकर को एमएलसी तो कुशल तिवारी को लोकसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है।
ब्राह्मण मतदाता पर है सपा की निगाह
पूर्वांचल की राजनीति में वयोवृद्ध बाहुबली हरिशंकर तिवारी का नाम जाना पहचाना है। वह चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र से ही छह बार विधायक रहे हैं। हालांकि दो चुनावों में हार भी मिली थी। अब चिल्लूपार से ही विनय शंकर तिवारी विधायक हैं, जो हरिशंकर के छोटे बेटे हैं। विनय की ब्राह्मण मतदाताओं में अच्छी पैठ है। संतकबीरनगर से पूर्व सांसद कुशल तिवारी भी हरिशंकर के बड़े बेटे हैं। पूर्व विधान परिषद के अध्यक्ष गणेश शंकर पांडेय भी रिश्तेदार हैं। पूरे कुनबे को सदस्यता दिलाकर सपा ब्राह्मण मतदाताओं को साधना चाहती है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ब्राह्मण मतदाताओं का जुड़ाव हुआ तो आगामी विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने से कोई रोक नहीं सकता है।