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UP Election 2022: आज सपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी, भाजपा को भी लगेगा तगड़ा झटका

Sun, 12 Dec 2021 01:46 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

विनय शंकर तिवारी की ब्राह्मण मतदाताओं में अच्छी पैठ है। संतकबीरनगर से पूर्व सांसद कुशल तिवारी भी हरिशंकर के बड़े बेटे हैं। पूर्व विधान परिषद के अध्यक्ष गणेश शंकर पांडेय भी रिश्तेदार हैं।
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पूर्व सांसद कुशल तिवारी उर्फ भीष्म शंकर, गणेश शंकर और बसपा विधायक विनय शंकर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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चिल्लूपार से विधायक व बसपा से निष्कासित विनय शंकर तिवारी और संतकबीरनगर की खलीलाबाद सीट से भाजपा विधायक जय चौबे रविवार को लखनऊ में सपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। सारी औपचारिकता पूरी हो गई है। यह भी भरोसा मिला है कि आगामी विधानसभा चुनाव में दोनों को वर्तमान सीटों से ही प्रत्याशी बनाया जाएगा। सदस्यता ग्रहण समारोह को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी है।

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जानकारी के मुताबिक आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा ने भाजपा व बसपा को तगड़ा झटका दिया है। पार्टी के थिंक टैंक ने पहले चिल्लूपार से बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी को अपने पाले में लाने पर काम किया। इसकी भनक लगते ही बसपा ने विनय शंकर को पार्टी से बाहर कर दिया। इस बीच भाजपा से असंतुष्ट चल रहे खलीलाबाद से भाजपा विधायक जय चौबे को भी सपा में लाने की मुहिम पर काम हुआ, जो अब सफल हो गया है। यही नहीं, विधान परिषद के पूर्व अध्यक्ष गणेश शंकर पांडेय व संतकबीरनगर से बसपा के पूर्व सांसद कुशल तिवारी भी सपा का दामन थामेंगे। गणेश शंकर को एमएलसी तो कुशल तिवारी को लोकसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है।

ब्राह्मण मतदाता पर है सपा की निगाह

पूर्वांचल की राजनीति में वयोवृद्ध बाहुबली हरिशंकर तिवारी का नाम जाना पहचाना है। वह चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र से ही छह बार विधायक रहे हैं। हालांकि दो चुनावों में हार भी मिली थी। अब चिल्लूपार से ही विनय शंकर तिवारी विधायक हैं, जो हरिशंकर के छोटे बेटे हैं। विनय की ब्राह्मण मतदाताओं में अच्छी पैठ है। संतकबीरनगर से पूर्व सांसद कुशल तिवारी भी हरिशंकर के बड़े बेटे हैं। पूर्व विधान परिषद के अध्यक्ष गणेश शंकर पांडेय भी रिश्तेदार हैं। पूरे कुनबे को सदस्यता दिलाकर सपा ब्राह्मण मतदाताओं को साधना चाहती है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ब्राह्मण मतदाताओं का जुड़ाव हुआ तो आगामी विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने से कोई रोक नहीं सकता है।
 

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विधायक जय चौबे ने कराया ताकत का एहसास

खलीलाबाद से भाजपा विधायक जय चौबे की क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। जिला पंचायत व ब्लॉक प्रमुख चुनाव में वह ताकत का एहसास भी करा चुके हैं। भाजपा की ताकत व सत्ता के बावजूद जय चौबे ने अपने जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख को चुनाव में जीत दिला दी। इससे भाजपा से खटास और बढ़ गई। अब जय चौबे लाल टोपी पहनने जा रहे हैं। जो उम्मीद जताई जा रही है, उसके मुताबिक जय चौबे को सपा खलीलाबाद से अपना प्रत्याशी बना सकती है।

सपा के संपर्क में कुछ और भाजपा विधायक

गोरखपुर-बस्ती मंडल के कुछ और ब्राह्मण विधायक सपा के संपर्क में हैं। देवरिया के एक भाजपा विधायक के भी सपा की सदस्यता ग्रहण करने की उम्मीद है। हालांकि विधायक ने अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं। इसी तरह कुछ और भाजपा विधायक सपा का दामन थाम सकते हैं।

 
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