डीडीयू में परास्नातक की कक्षाएं शुरू।
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उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय और कॉलेज आज से 50 फीसदी विद्यार्थियों की उपस्थिति के साथ खुल गए हैं। वहीं दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और डिग्री कालेजों में सोमवार से नियमित कक्षाएं चलने लगीं। कोरोना के चलते बंद चल रहे कॉलेजों में रौनक बढ़ गई है। सभी जगहों पर कोरोना संक्रमण का ध्यान रखते हुए दूरी बनाकर विद्यार्थियों को बैठाया गया।
दरअसल, यूजीसी की गाइड लाइन के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने 23 नवंबर से विश्वविद्यालय और डिग्री कालेजों में कक्षाएं शुरू करने के लिए अनुमति दी है। हालांकि गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने शैक्षणिक कैलेंडर का हवाला देकर 17 नवंबर से कक्षाएं शुरू करने का निर्देश दे दिया था।
18 नवंबर से परास्नातक में कई विषयों की कक्षाएं चल रही हैं। हालांकि विद्यार्थियों की संख्या कम होने से कुछ ही विभागों में कक्षाएं चल रही थीं। जबकि अब सभी विभागों में कक्षाएं नियमित रूप से चलने लगीं। वहीं आज शहर के अन्य कॉलेजों में भी सुबह से छात्र-छात्राओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। छात्रों ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण काफी समय बाद कॉलेज आकर अच्छा लगा, हम कोरोना संक्रमण के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए सभी एहतियाती उपायों का पालन करेंगे।
एक मंच पर मिलेंगे प्रशासनिक और अकादमिक विचार: प्रो राजेश सिंह
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने पूर्वांचल के सतत विकास पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय वेबिनार सह सेमिनार के तैयारियों की समीक्षा के लिए रविवार को बैठक की। इसमें कुलपति ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास पर आयोजित इस वेबिनार में एक ही मंच पर अकादमिक और प्रशासनिक विचार सामने आएंगे।
कुलपति ने विभिन्न क्षेत्रों और समितियों के समन्वयकों की टीम के साथ संगोष्ठी के सभी संभावित बिंदुओं टेलीकास्टिंग, आमंत्रण, आवास, भोजन, प्रकाशन और अन्य प्रासंगिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। सभी समन्वयकों को सलाह दी कि वह सरकार की प्रतिक्रिया और जनमत के लिए संगोष्ठी की सत्रवार रूपरेखा तैयार करें।
विभिन्न क्षेत्रों और समितियों के समन्वयकों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट बैठक में रखी और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। इस अवसर पर नोडल अधिकारी प्रो. अजेय गुप्ता, प्रो. अजय सिंह, कुलसचिव डॉ. ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।