प्रदेश के 29 जिलों में दो नवंबर से 11 नवंबर तक सक्रिय क्षय रोगी खोजी अभियान (एसीएफ कैंपेन) चलाया गया। इसमें गोरखपुर जिले ने सर्वाधिक 277 क्षय रोगी खोजे हैं। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि 4.51 लाख की स्क्रीनिंग हुई है जिसमें 277 लोगाें में टीबी की पुष्टि हुई है।
सीएमओ ने बताया कि टीबी के संभावित मरीजों की खोज के लिए जिले में 4.83 लाख लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष 4.51 लाख लोगों के घर पहुंच कर एसीएफ टीम ने स्क्रीनिंग की। इस दौरान 2606 लोगों में क्षय रोग के लक्षण नजर आए। इन सभी लोगों की जांच करवाने के बाद 277 लोगों में बीमारी की पुष्टि हुई है। इनका निशुल्क इलाज हो रहा है। साथ ही उनके खाते में 500 रुपये प्रति माह भेजे जाएंगे।
जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. रामेश्वर मिश्र ने कहा कि क्षय रोग एक ऐसी बीमारी है जिसके लक्षण तब सामने आते हैं जब रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ने लगती है। इसके बैक्टीरिया तो शरीर में ही रहते है लेकिन लक्षण नजर नहीं आते हैं। इसलिए जिस परिवार में कोई भी क्षय रोगी सामने आए उसके संपर्क के सभी लोगों को क्षय रोग की जांच अवश्य करा लेनी चाहिए।
बताया कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में क्षय रोग के निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है। निजी अस्पतालों में भी इलाज करवाने वाले मरीजों का नोटिफिकेशन होता है तो उन्हें भी पांच सौ रुपये पोषण के दिए जाते हैं।