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यूपी विधानसभा चुनाव 2022: संतकबीरनगर की राजनीति में जय चौबे की है गहरी पैठ, ऐसे पड़ी थी भाजपा से टकराव की नींव

Mon, 13 Dec 2021 03:17 PM IST
vivek shukla शोभित कुमार पांडेय, संतकबीरनगर।

सार

पूर्वांचल में खासकर ब्राह्मण समाज में पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी की अच्छी पकड़ मानी जाती है। पूर्वांचल में इन्हें ब्राह्मण चेहरे के रूप में देखा भी जाता है। वर्ष 2007 में पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव की सरकार में पंडित हरिशंकर तिवारी कैबिनेट मंत्री भी रहे।
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यूपी चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद के विधायक दिग्विजय नारायन उर्फ जय चौबे ने भाजपा को छोड़ कर सपा से नाता जोड़ लिया। इनकी भाजपा से टकराव की नींव जिला पंचायत के चुनाव में पड़ गई थी। रही सही कसर ब्लॉक प्रमुख चुनाव ने पूरी कर दी। वहीं से इनकी भाजपा से दूरियां बढ़ती चली गईं और सपा की ओर खिंचाव बढ़ा। इनके सपा में जाने से पार्टी को मजबूती मिली है।

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महुली क्षेत्र के भिटहा गांव के रहने वाले दिग्विजय नारायन उर्फ जय चौबे ऐसे परिवार से हैं, जिसने संतकबीरनगर ही नहीं, वरन बस्ती जनपद में भी शिक्षा की अलख जगाई है। वर्ष 1999 में जय चौबे ही अपने परिवार से सबसे पहले राजनीति में कदम रखे और जिला पंचायत सदस्य चुने गए। उसके बाद वर्ष 2005 में खलीलाबाद से ब्लॉक प्रमुख चुने गए। वहीं से उनकी राजनीति पकड़ मजबूत हुई।

वर्ष 2010 में नाथनगर ब्लॉक से अपने भाई राकेश चतुर्वेदी को ब्लॉक प्रमुख पद पर आसीन कराया। वर्ष 2012 में भाजपा के टिकट पर खलीलाबाद सीट से चुनाव लड़े और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। फिर वर्ष 2017 में भाजपा से चुनाव लड़े और उन्हें जीत मिली। जिले की राजनीति में बड़े ब्राह्मण चेहरे के रूप में जय चौबे उभरे और उनका कद काफी बढ़ गया।
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भाजपा में उनकी पैठ भी गहरी हुई, लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में उन्होंने अपने करीबी बलराम यादव को टिकट दिलाने की पूरी कोशिश की, लेकिन भाजपा में उनकी नहीं सुनी गई। पार्टी से बगावत करके उन्होंने सपा के टिकट पर बलराम यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ाया और जीत भी मिली।

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उसी के तुरंत बाद ब्लॉक प्रमुख पद पर सेमरियावां ब्लॉक से अपने करीबी पूर्व प्रमुख मुमताज अहमद की मां को सपा से चुनाव लड़ाया और उसमें भी जीत हासिल हुई। इन्हीं वजहों से इनकी भाजपा से दूरी बढ़ती गई और सपा की ओर इनका खिंचाव हुआ। रविवार को जय चौबे भाजपा छोड़ कर सपा में शामिल हो गए। इनके सपा में जुड़ने से पार्टी को मजबूती मिली है।


कुशल और जय चौबे हुए साथ, दिखेगा बड़ा बदलाव

पूर्वांचल में खासकर ब्राह्मण समाज में पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी की अच्छी पकड़ मानी जाती है। पूर्वांचल में इन्हें ब्राह्मण चेहरे के रूप में देखा भी जाता है। वर्ष 2007 में पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव की सरकार में पंडित हरिशंकर तिवारी कैबिनेट मंत्री भी रहे। इन्हीं के बड़े पुत्र भीष्मशंकर उर्फ कुशल तिवारी बसपा से दो बार संतकबीरनगर से सांसद रहे। जबकि इनके छोटे बेटे विनय शंकर तिवारी वर्ष 2017 में गोरखपुर जिले के चिल्लूपार विधान सभा से बसपा के विधायक चुने गए।

इनके रिश्तेदार गणेश शंकर पांडेय विधान परिषद के पूर्व सभापति है। खलीलाबाद के विधायक जय चौबे का तिवारी परिवार से पहले से गहरा नाता है। विधायक जय चौबे और पूर्व सांसद कुशल तिवारी साथ हो गए। इससे सपा को मजबूती मिली है। यह जोड़ी संतकबीरनगर की तीनों सीटों पर प्रभाव डाल सकती है।
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