आवास विकास प्रमुख सचिव दीपक कुमार साथ में सीडीओ हर्षिता माथुर।
- फोटो : अमर उजाला
जिले के नोडल अफसर व प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार ने मानचित्र स्वीकृति में देरी पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के सभी इंजीनियरों और अफसरों पर नाराजगी जताई। कहा कि शिकायतें मिलती हैं कि नक्शा स्वीकृत करने के लिए लोगों को बेवजह दौड़ाया जा रहा है। परेशान लोग जगह-जगह शिकायत करते हैं जिससे प्राधिकरण की छवि खराब होती है। साथ ही अवैध निर्माण भी बढ़ता है।
इंजीनियरों और अफसरों को आइना दिखाते हुए प्रमुख सचिव ने कहा कि अवैध निर्माण को लेकर पूरे प्रदेश में जीडीए की छवि बहुत खराब है। इसमें सुधार लाएं और यह सुनिश्चित करें कि मानचित्र को लेकर अब शिकायत नहीं मिलनी चाहिए वर्ना कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख सचिव ने शुक्रवार को जीडीए के कुछ अनुभागों का निरीक्षण करने के बाद प्राधिकरण सभागार में जीडीए, नगर निगम, जल निगम और लोक निर्माण विभाग के अफसरों के साथ बैठक भी की।
दो घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में उन्होंने ड्रेनेज सिस्टम में सुधार को लेकर हुए लेडार सर्वे का प्रेजेंटेशन देखा और कुछ सुझाव भी दिए। उपाध्यक्ष अनुज सिंह ने प्रमुख सचिव को बताया कि जीडीए और नगर निगम ने ड्रेनेज सिस्टम से लेकर मास्टर प्लान की सहूलियत के लिए लेडार सर्वे कराया है। रिपोर्ट मार्च महीने में आ जाएगी।
इसपर प्रमुख सचिव ने कहा कि लेडार सर्वे में शहर के विभिन्न इलाकों में निर्माण को लेकर भी रिपोर्ट मिल जाएगी। ऐसे में हर छह महीने में ड्रोन सर्वे कराएं ताकि इस दौरान हुए अवैध निर्माण को चिह्नित किया जा सके।
बैठक में जीडीए सचिव राम सिंह गौतम, नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह, लोनिवि के मुख्य अभियंता एसपी सिंह, मुख्य अभियंता जीडीए संजय सिंह, मुख्य अभियंता नगर निगम सुरेश चन्द आदि उपस्थित रहे।
अवैध निर्माण के दोषी इंजीनियरों पर हो कार्रवाई
प्रमुख सचिव ने जीडीए के उपाध्यक्ष और नगर आयुक्त से कहा कि अवैध निर्माण के लिए दोषी इंजीनियरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में जलनिगम और नगर निगम के अधिकारियों से उन्होंने कहा कि लेडार सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही वे नाला-नालियों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करें। प्रमुख सचिव ने कहा कि शासन में जो योजनाएं लंबित हैं, उनकी रिपोर्ट तैयार कर उपलब्ध कराएं। उनका निस्तारण कराया जाएगा।
जल्द वैध की जाएंगी अवैध कॉलोनियां
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मास्टर प्लान, विनियमितीकरण, अवैध कॉलोनियों के सीमा विस्तार पर जानकारी दी। प्रमुख सचिव ने कहा कि जीडीए सीमा विस्तार कराए, इसमें कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अवैध कॉलोनियों को लेकर पूरे प्रदेश के लिए जल्द गाइड लाइन जारी होगी। इसक ी तैयारी चल रही है। बता दें कि प्राधिकरण की तरफ से 25 अवैध कॉलोनियां चिह्नित कर शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। हालांकि शहर में इनकी संख्या 70 से अधिक हैं। प्रमुख सचिव ने कहा कि 2021-31 के लिए प्रस्तावित मास्टर प्लान को बेहतर ढंग से बनाएं। उन्होंने पार्षदों से कहा कि वे वार्डों में जाएं और नागरिकों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनने के साथ ही उनके सुझाव भी लें।
सभी अनुभागों में दस्तक न होने से महसूस की राहत
चार साल से अधिक समय बाद विभागीय प्रमुख सचिव के स्तर पर हुए मुआयने को लेकर जीडीए में सप्ताह भर से तैयारियां चल रही थीं। कार्यालय को धो-पोछकर चमकाने के साथ ही फाइलों के रख-रखाव और आंकड़े भी दुरुस्त किए गए थे। हालांकि प्रमुख सचिव के ज्यादातर अनुभागों में दस्तक ही नहीं देने से वहां के अफसरों-कर्मचारियों ने काफी राहत महसूस की।