दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने गेस्ट हाउस में लंबे समय से अनधिकृत रूप से रह रहे दो असिस्टेंट रजिस्ट्रार के खिलाफ वसूली का नोटिस जारी किया है। इसमें एक को दो लाख 54 हजार और दूसरे को एक लाख 46 हजार रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया है।
कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने गेस्ट हाउस के दुरुपयोग के मामले को लेकर सख्ती दिखाई तो पता चला कि दो असिस्टेंट रजिस्ट्रार के लंबे समय से गेस्ट हाउस में रहे हैं। उच्चाधिकारियों ने इसे नियम विरुद्ध मानते हुए कार्रवाई का निर्णय लिया। इसके बाद गेस्ट हाउस प्रभारी ने 20 जुलाई 2021 को अंतिम तिथि मानकर दोनों के रहने के किराए का हिसाब किया तो चंद्रेश धीमान के जिम्मे दो लाख 54 हजार और रवि निषाद के जिम्मे एक लाख 46 हजार रुपये आए।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक सोमवार तक दोनों लोगों ने नोटिस के बाद धनराशि जमा नहीं की है। साथ ही गेस्ट हाउस भी नहीं छोड़ा है। विश्वविद्यालय के एक असिस्टेंट रजिस्ट्रार चंद्रेश धीमान 27 फरवरी 2020 से गेस्ट हाउस में रहे हैं। वहीं दूसरे असिस्टेंट रजिस्ट्रार रवि निषाद एक जनवरी 2021 से। इन लोगों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आवास नहीं उपलब्ध कराया गया है। ऐसे में गेस्ट हाउस में रहना पड़ रहा है। इसके एवज में आवासीय भत्ता भी नहीं लिया जा रहा है।
यह है नियम
नियम के मुताबिक विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में कोई भी व्यक्ति सात दिन से अधिक नहीं रह सकता। निर्धारित दिन से ज्यादा रहने के लिए उसे सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी पड़ती है। इस बीच निर्धारित किराया भी जमा करना होता है।
गेस्ट हाउस प्रभारी प्रो. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि नियम विरुद्ध तरीके से लंबे समय तक गेस्ट हाउस में रहने के लिए दोनों असिस्टेंट रजिस्ट्रार को नोटिस दिया गया है। उन्हें राशि जमा करने को कहा गया है। दोनों का बकाया किराया चार लाख रुपये से अधिक है।