परिषदीय स्कूलों से कक्षा आठवीं पास करने वाले विद्यार्थी आगे की पढ़ाई जारी रख सकें, इसे लेकर शासन ने अनूठी पहली की है। इसके अंतर्गत इन विद्यार्थियों की एक यूनिक आईडी बनाई जाएगी। इसकी मदद से प्रत्येक छात्र-छात्रा के प्रवेश की मानीटरिंग होगी। साथ ही प्रवेश न लेने वाले बच्चों को चिह्नित कर शिक्षक उनके घर जाकर अभिभावकों को दाखिले के लिए प्रेरित करेंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च प्राइमरी, जूनियर हाईस्कूल और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के कक्षा आठ उत्तीर्ण करने के बाद आगे की शिक्षा जारी रखने की स्थिति को सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था बनाई है। इसके तहत बेसिक शिक्षा विभाग स्तर से कक्षा आठ के छात्र-छात्राओं को आवंटित की गई यूनिक आईडी को माध्यमिक शिक्षा विभाग को प्रदान कराने का निर्देश दिया गया है ।
माध्यमिक शिक्षा परिषद को शासन स्तर से निर्देश दिया गया है कि कक्षा नौ में प्रवेश के साथ ही विभाग स्तर से अग्रिम पंजीकरण कराने वाले सभी छात्र-छात्राओं के यूनिक आईडी को वेबसाइट
upmsp.com अपलोड कर दिया जाए। ऐसा करने से परिषदीय स्कूल में कक्षा आठ पास करने के बाद छात्र ने कक्षा नौवीं में प्रवेश लिया या नहीं। इसका पता लगाया जा सकेगा।
40 हजार से अधिक है आठवीं पास करने वालों की संख्या
जिले के 2500 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या 3.5 लाख से अधिक है। केवल कक्षा आठवीं पास करने वालों की बात करें तो इनकी संख्या 40 हजार से अधिक होती है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का होने की वजह से ये बच्चे आठवीं के बाद आगे की कक्षाओं में प्रवेश नहीं लेते हैं।