डीएफओ विकास यादव ने पिछले सप्ताह स्वंय सहायता समूह की महिलाओं से गुरू गोरक्षनाथ के मंदिर को तैयार करने की इच्छा जताई। मंशा थी कि अगर महिलाएं इसे मूर्त रुप में तैयार कर सकें तो इस प्रयोग को बाजार के सहारे लोगों के घरों तक पहुंचाया जाए।
इसकी सफलता के बाद अयोध्या के प्रभु श्रीराम जी के मंदिर को भी तैयार करवाया जाए। इससे देश-विदेश में लोग गुरू गोरखनाथ और प्रभु श्रीराम मंदिर को अपने घर मंगवा सकेंगे और अपनी आस्था को स्थापित कर सकेंगे।
शनिवार को सहायता समूह की महिलाओं ने गरू गोरखनाथ मंदिर बांस से तैयार कर डीएफओ को सौंपा। डीएफओ विकास यादव ने बताया कि प्रयोग के तौर पर इस एक मंदिर को तैयार करवाया गया था। इसकी खूबसूरती मन मोह रही है। बांस के ऐसे ही मंदिर अब तैयार करवाकर ओडीओपी केंद्रों पर रखवाएं जाएंगे।
एक हेक्टेयर में बना है वन चेतन केंद्र
कैंपियरगंज के लक्ष्मीपुर ग्राम सभी की जमीन पर 2008 में वन चेतना केंद्र का निर्माण शुरू किया गया था। 2012 में बनकर तैयार हुआ। 2020 तक इस केंद्र का कोई प्रयोग नहीं होता था। सीएम योगी की पहले से इस केंद्र के संदरीकरण और यहां बांस के उत्पादों को तैयार करना शुरू किया गया।स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित करने के बाद अब उनके द्वारा राखी, लैंप, लाठी, बैग, कंटेनर, स्टैंड, डिब्बा, सूप, डलिया, फर्नीचर निर्माण और अन्य रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में इस अनूठे प्रयोग को भी किया गया है।