केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र की गरीब महिलाओं को लकड़ी के धुएं से बचाने के लिए उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त में गैस सिलिंडर व चूल्हे दिए। गैस सिलिंडर महंगा हो जाने से भोजन लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा है और सिलिंडर उसके धुएं से धुआं रहा है। महिलाएं कहती हैं कि इतना महंगा सिलिंडर भराने के लिए पैसा कहां से लाएं?
| माह | दाम |
| अप्रैल 2019 | रुपये 739 |
| अप्रैल 2020 | रुपये 777 |
| अप्रैल 2021 | रुपये 840 |
| अप्रैल 2022 | रुपये 985 |
| मई 2022 | रुपये 1035 |
| जून 2022 | रुपये 1068 |
महंगाई में गैस सिलिंडर भरवाने के लिए पैसे नहीं बच रहे हैं। सिलिंडर न भरवा पाने के कारण लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ता है। अब सिलिंडर पर सब्सिडी भी बहुत कम हो गई है।
- आफती गौड़, कोठा
गैस सिलिंडर खाली पड़ा है। सिलिंडर भरवाने के लिए 1100 रुपये जुटाने पड़ेंगे। बेटे मजदूरी करते हैं। हर दिन काम मिलता नहीं है। तीन दिहाड़ी के पैसे लग जाते हैं सिलिंडर भरवाने में। इसलिए लकड़ियां ढूंढ कर चूल्हे पर खाना बनाती हूं।
- किस्मती, बासूडीहा
पैसे नहीं होने की वजह से छह महीने से सिलिंडर नहीं भराए हैं। गैस सिलिंडर से लकड़ी और गोबर के कंडे सस्ते पड़ रहे हैं। पहले भी तो ऐसे ही खाना बनाती थी।