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जिंदा शख्स को दिखाया था मृत: दारोगा को सौंपी गई है जांच, इंस्पेक्टर बोले- रिपोर्ट आते ही दर्ज करेंगे केस

Tue, 09 Mar 2021 10:32 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

  • जिंदा को मृत दिखाने वाले तत्कालीन लेखपाल और कानूनगो के विरुद्ध पीड़ित जियाऊ पाल के पुत्र ने दी थी तहरीर
  • पीड़ित के गांव पहुंची पुलिस ने दर्ज किया बयान

 
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जिंदा लोगों को कागज में दिखाया जा रहा है मृत। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सहजनवां के मुस्तफाबाद उर्फ मलडर गांव के जियाऊ पाल (72) को मृत दर्शाकर उनकी संपत्ति को दूसरे के नाम दर्ज करने के मामले में पुलिस ने सोमवार को उनके गांव पहुंचकर लोगों के बयान दर्ज किए। शनिवार को जियाऊ के बेटे बृजेश पाल ने सहजनवां थाने में तहरीर देकर तत्कालीन लेखपाल और कानूनगो पर रुपये लेकर जालसाजी करने का आरोप लगाया था। इसके बाद इंस्पेक्टर ने एसआई को जांच सौंपी है।

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जियाऊ पाल और रामकृष्ण हरिदास (50) जिंदा होते हुए भी तहसील के दस्तावेज मेें मर चुके हैं। यमराज बने तत्कालीन तहसीलकर्मियों की इस करतूत को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद, इस संबंध में जियाऊ के बेटे बृजेश पाल ने शनिवार को सहजनवां थाने में तहरीर देकर तत्कालीन हलका लेखपाल व कानूनगो के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने की गुहार लगाई थी। तहरीर मिलने के बाद इंस्पेक्टर ने पूरे प्रकरण की जांच हलका दरोगा को सौंपी थी। इसी क्रम में हलका दरोगा सोमवार को गांव में पहुंचे और लोगों के बयान दर्ज किए।

इंस्पेक्टर संजय मिश्रा ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है। मंगलवार को रिपोर्ट आने पर केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, दो फरवरी को संपूर्ण समाधान दिवस में सहजनवां तहसील पर प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे जियाऊ ने आरोप लगाया था कि 2009 में तत्कालीन हलका लेखपाल व कानूनगो ने उन्हें मृत घोषित कर उसकी संपत्ति चौथी के नाम कर दी थी।
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इसकी जानकारी उन्हें तब हुई जब करीब साल भर पहले किसान सम्मान निधि के लिए वह तहसील पर पहुंचे थे। समाधान दिवस पर दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर तहसील सहजनवां न्यायिक मजिस्ट्रेट रामानुज तिवारी की न्यायालय में वाद दाखिल हो गया। उनके ही निर्देश पर क्षेत्र के कानूनगो की निगरानी में एक टीम गठित कर इस मामले की जांच भी की जा रही है। रामकृष्ण हरिदास ने तो दो टूक कह दिया है कि अब वे केवल मुख्यमंत्री योगी से ही जीवन मांगेंगे।

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