- अपर आयुक्त न्यायिक प्रथम गोरखपुर मंडल में 2018 में हुआ था आदेश
- शिकायत पर प्रशासन ने शुरू कराई जांच
गोरखपुर। अपर आयुक्त न्यायिक प्रथम, गोरखपुर मंडल के न्यायालय में राजस्व विवाद के एक ही मुकदमे में दो आदेश हो गए हैं। ऑनलाइन आदेश और ऑफलाइन आदेश में विरोधाभास है। शिकायत होने पर प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करा दी।
तहसील सदर के शहरी क्षेत्र साहबगंज मिर्जापुर में जमीन विवाद के “विश्वनाथ बनाम विश्वनाथ” के केस में 28 दिसंबर 2018 को पारित आदेश की ऑनलाइन प्रति में निगरानी स्वीकार करते हुए विपक्षी पक्ष का नाम निरस्त कर खतौनी में अमलदरामद का निर्देश दर्ज बताया जा रहा है। इस ऑनलाइन आदेश के आधार पर वादी पक्ष राहत में है, जबकि उसी आदेश की प्रति न्यायालय की मूल पत्रावली से प्राप्त की गई तो उसमें पृष्ठ संख्या, बारकोड तथा प्रिंटिंग तिथि-समय में अंतर है। आरोप है कि आदेश के अंतिम हिस्से में छेड़छाड़ कर फर्जी दस्तावेज तैयार किया गया। इस मामले में एक व्यक्ति ने अपर आयुक्त न्यायिक प्रथम न्यायालय में कूटरचना की शिकायत की है। उन्होंने मांग की है उच्च स्तरीय जांच एवं एफआईआर दर्ज कराई जाए।
मामले की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। दोनों पक्षों का पक्ष भी जाना जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- जय प्रकाश, अपर आयुक्त प्रशासन, गोरखपुर मंडल